कब है आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 14 या 15 जुलाई? जानें सही तारीख, घटस्थापना मुहूर्त और पूजा के नियम

KNEWS DESK- सनातन परंपरा में नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। साल में चार बार नवरात्रि आती हैं, जिनमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि का आयोजन बड़े स्तर पर होता है, जबकि माघ और आषाढ़ महीने में आने वाली गुप्त नवरात्रि को साधना, उपासना और आध्यात्मिक सिद्धियों के लिए खास माना जाता है।

साल 2026 में आषाढ़ गुप्त नवरात्रि को लेकर लोगों के बीच तारीख को लेकर असमंजस बना हुआ है कि इसकी शुरुआत 14 जुलाई से होगी या 15 जुलाई से। पंचांग के अनुसार इस बार गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 15 जुलाई 2026 से होगी। आइए जानते हैं इसकी सही तिथि, घटस्थापना का शुभ समय और पूजा की पूरी विधि।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 की सही तारीख क्या है?

हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 14 जुलाई 2026 को दोपहर 3 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी। वहीं यह तिथि 15 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजकर 50 मिनट तक रहेगी।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत और त्योहारों की गणना उदया तिथि के आधार पर की जाती है। क्योंकि प्रतिपदा तिथि 15 जुलाई को सूर्योदय के समय मौजूद रहेगी, इसलिए आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ 15 जुलाई 2026, बुधवार से माना जाएगा।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

गुप्त नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार 15 जुलाई 2026 को घटस्थापना के लिए शुभ समय इस प्रकार रहेगा—

घटस्थापना मुहूर्त: सुबह 5:33 बजे से 10:09 बजे तक
कुल अवधि: 4 घंटे 36 मिनट

मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से कलश स्थापना करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और नौ दिनों की पूजा सफल होती है।

गुप्त नवरात्रि में कैसे करें घटस्थापना? जानें सरल विधि

गुप्त नवरात्रि के पहले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर उत्तर-पूर्व दिशा में चौकी स्थापित करें। चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।

इसके बाद मिट्टी के पात्र में जौ बोएं और उसके ऊपर जल से भरा कलश रखें। कलश में आम के पत्ते लगाकर उसके ऊपर नारियल स्थापित करें। मां दुर्गा का ध्यान करते हुए दीपक जलाएं और पूजा सामग्री जैसे रोली, अक्षत, फूल, चंदन और फल अर्पित करें।

पूजा के दौरान दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या देवी कवच का पाठ करना शुभ माना जाता है। अंत में मां दुर्गा की आरती कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करें।

गुप्त नवरात्रि में किन बातों का रखें विशेष ध्यान?

गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में सात्विक जीवन अपनाने की सलाह दी जाती है। इस दौरान कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है—

  • घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई बनाए रखें।
  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • क्रोध, विवाद और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाएं।
  • व्रत रखने वाले लोग नियमों और श्रद्धा के साथ पूजा करें।
  • जरूरतमंदों की सहायता और दान-पुण्य करना शुभ फलदायी माना जाता है।

गुप्त नवरात्रि का धार्मिक महत्व क्यों है खास?

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि को साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का विशेष समय माना जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के साथ कई साधक दशमहाविद्याओं की उपासना भी करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि में की गई साधना, मंत्र जाप और पूजा से आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। हालांकि आम श्रद्धालु भी इन नौ दिनों में मां दुर्गा की भक्ति, व्रत और पाठ करके सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना कर सकते हैं।

कब समाप्त होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026?

नौ दिनों तक चलने वाली आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का समापन नवमी तिथि के साथ होगा। इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

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