KNEWS DESK- ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाई जाने वाली प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी आज यानी 18 जून 2026, गुरुवार को पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। इस पावन दिन भगवान गणेश के प्रद्युम्न स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और प्रिय भोग अर्पित करने से बप्पा प्रसन्न होकर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के प्रद्युम्न स्वरूप की पूजा करने से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं। यह व्रत मानसिक तनाव, क्रोध और नकारात्मकता को कम करने वाला माना गया है। इस दिन की गई आराधना से घर-परिवार में खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
बप्पा को लगाएं मोदक का महाभोग

भगवान गणेश को मोदक अत्यंत प्रिय है। इसलिए प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी पर मोदक का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि मोदक अर्पित करने से बप्पा शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी विशेष कृपा बरसाते हैं।
लड्डू चढ़ाने से होती है धन-समृद्धि की प्राप्ति
मोदक के अलावा बेसन, बूंदी और आटे के लड्डू भी भगवान गणेश को बेहद प्रिय हैं। पूजा के दौरान लड्डुओं का भोग लगाने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। कई भक्त इस दिन 21 लड्डुओं का भोग भी अर्पित करते हैं।
दूर्वा घास के बिना अधूरी मानी जाती है गणेश पूजा
गणेश जी की पूजा में दूर्वा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि 21 दूर्वा अर्पित करने से भगवान गणेश अत्यंत प्रसन्न होते हैं। इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
केले और ताजे फलों का भी लगाएं भोग
प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणेश को केले का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है। इसके अलावा सेब, अनार, आम और अन्य मौसमी फलों को भी प्रसाद के रूप में अर्पित किया जा सकता है। ताजे फल अर्पित करने से घर में सकारात्मकता और खुशहाली का आगमन होता है।
ऐसे करें प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी की पूजा
- सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- उन्हें सिंदूर, अक्षत, फूल और दूर्वा अर्पित करें।
- मोदक, लड्डू, केले और अन्य फलों का भोग लगाएं।
- गणेश मंत्रों का जाप करें और आरती करें।
- अंत में परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की प्रार्थना करें।
क्या कहते हैं धार्मिक मान्यता?
मान्यता है कि प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी के दिन सच्चे मन से भगवान गणेश की पूजा करने और प्रिय भोग अर्पित करने से घर में धन, वैभव, सुख और समृद्धि का आगमन होता है। साथ ही व्यक्ति के जीवन से विघ्न-बाधाएं दूर होकर सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।