पहली बार वट सावित्री व्रत रखने जा रहीं नवविवाहिताओं के सामने आई दुविधा, मलमास को लेकर बढ़ा कन्फ्यूजन, जान लें ये नियम

KNEWS DESK- वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखती हैं। करवा चौथ की तरह यह व्रत भी सुहागिन महिलाओं के लिए खास महत्व रखता है। खासकर नई शादीशुदा महिलाएं इस व्रत को लेकर काफी उत्साहित रहती हैं।

लेकिन इस बार वट सावित्री व्रत और मलमास एक साथ पड़ने की वजह से कई नवविवाहिताओं के मन में यह सवाल है कि क्या इस साल पहली बार वट सावित्री व्रत शुरू करना शुभ रहेगा या नहीं।

कब रखा जाएगा वट सावित्री व्रत 2026?

पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में वट सावित्री व्रत 16 मई, शनिवार को रखा जाएगा। इसके अगले दिन यानी 17 मई से मलमास या पुरुषोत्तम मास की शुरुआत हो रही है। इसी कारण कई लोगों के मन में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

क्या मलमास से पहले नया व्रत शुरू करना शुभ है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नए व्रत की शुरुआत हमेशा शुभ समय में करनी चाहिए। खरमास, मलमास, गुरु या शुक्र तारा अस्त होने जैसे समय को शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता। हालांकि ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस साल वट सावित्री व्रत मलमास शुरू होने से एक दिन पहले पड़ रहा है। साथ ही ज्येष्ठ अमावस्या तिथि का प्रभाव भी मलमास के पहले दिन नहीं है। ऐसे में नई शादीशुदा महिलाएं बिना किसी संकोच के पहली बार वट सावित्री व्रत रख सकती हैं।

दूसरा मत क्या कहता है?

कुछ विद्वानों का मानना है कि इस विषय में महिलाओं को अपने ससुराल की परंपराओं का पालन करना चाहिए। यदि परिवार में ऐसी मान्यता है कि मलमास वाले वर्ष में नया व्रत शुरू नहीं किया जाता, तो उसी परंपरा का पालन करना उचित माना जाता है। वहीं अगर परिवार में ऐसी कोई परंपरा नहीं है, तो नवविवाहिताएं इस साल से वट सावित्री व्रत शुरू कर सकती हैं।

मलमास में किन कार्यों से बचना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मलमास के दौरान कुछ शुभ कार्यों से परहेज करना चाहिए, जैसे:-नया व्रत शुरू करना, व्रत का उद्यापन करना, विवाह और मांगलिक कार्य, गौरी-गणेश पूजा, सुहागिन महिलाओं को सुहाग सामग्री देना माना जाता है कि मलमास भगवान विष्णु की भक्ति और साधना के लिए विशेष होता है, इसलिए इस दौरान पूजा-पाठ और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है।

नवविवाहिताएं क्या रखें ध्यान?

अगर आप नई शादीशुदा हैं और पहली बार वट सावित्री व्रत रखने जा रही हैं, तो परिवार की परंपराओं और ज्योतिषीय मान्यताओं दोनों का ध्यान रखें। धार्मिक नियमों का पालन करते हुए श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया व्रत शुभ फल प्रदान करता है।

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