उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, देवभूमि उत्तराखंड में चुनावी आगाज 2027 का हो चुका है. जिसके चलते तमाम राजनीतिक पार्टियों में सक्रियता भी देखने को मिल रही है. लेकिन कहीं ना कहीं हमेशा चुनावी मूड में रहने वाली भाजपा आज भी अपनी तैयारी को लेकर प्रथम स्थान पर है, वहीं बीते अब तक के दो चरणों के एस आई आर में भारी मतदाताओं का नाम सूची से गायब भी नजर आ रहा है. जिसके लिए निर्वाचन सख्त है.जिसको लेकर तमाम छूटे हुए मतदाताओं को नोटिस जारी कर जल्द से जल्द अपना वेरीफिकेशन करने की सलाह दी गई है.ताकि जायदा से जायदा मतदाता सूची में गायब हुए मतदाताओं को जुड़ा जा सके.अब तक एस आई आर प्रक्रिया को लेकर सबसे बड़े विपक्ष दल कांग्रेस को अब अपने मतदाताओं के नाम गायब होने की चिंता सता रही है.यही वजह है, कि कांग्रेस ने अपने तमाम कार्यक्रम रद्द कर अपने कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर फिर में कमियां और खामियों को पूरा करने के लिए अपने वोटरों को साधने का काम शुरू कर दिया है. कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों को लगता है. अगर यह संख्या वोटों की कमी वाली संख्या ज्यादा हुई तो आने वाले चुनाव में भारी नुकसान पार्टियों को हो सकता है. जिस पर राजनीति भी चरम पर है,भाजपा का मानना है.की कांग्रेस की अब तक की हार का कारण ही उनका खराब होमवर्क और जुट बाजी करने की वजह दर्शाता है.
उत्तराखंड कांग्रेस पार्टी ने देहरादून जिले की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित होने वाली परिवर्तन संकल्प यात्रा को स्थगित कर दिया है. 2 अगस्त से देहरादून की अलग-अलग विधानसभाओं में यह यात्राएं आयोजित होनी थी, लेकिन पार्टी ने एस आई आर का हवाला देते हुए फिलहाल इस यात्रा को स्थगित कर दिया है.कांग्रेस पार्टी ने यात्रा कार्यक्रम की अगली तारीख 10 अगस्त के बाद घोषित किए जाने का ऐलान किया है. पार्टी की ओर से चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि राज्य में चल रहे वोटो के सत्यापन अभियान के दूसरे चरण को ध्यान में रखते हुए परिवर्तन संकल्प यात्रा स्थगित कर दी गई है और जल्द ही राज्य के सभी वरिष्ठ नेताओं से विचार विमर्श के बाद परिवर्तन संकल्प यात्रा की शुरुआत 10 अगस्त के बाद नई तारीखों के साथ की जा सकती है.वही हमेशा चुनावी मूड में रहने वाली भाजपा इसको विपक्ष की चुनाव से पहले की हार का परिणाम बता रहा है.साथ ही अन्य विपक्षी दल जीत का दावा तो कर रहे है.लेकिन एस आई आर पर किस की कितनी तैयारी है.ये कहना बेहद मुश्किल है.
प्रदेश कांग्रेस ने इस संदर्भ में उनके द्वारा 30 जुलाई एवं इससे पूर्व में भी मुख्य विकास अधिकारी, देहरादून से दूरभाष पर वार्ता कर अनुरोध किया है.की उनको परिवार रजिस्टर नहीं दिए गये हैं. उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मांग करते हुए कहा कि एसआईआर के द्वितीय चरण की प्रक्रिया प्रारम्भ करने से पूर्व राज्य के सभी संबंधित बूथ स्तर के अधिकारियों को अद्यतन परिवार रजिस्टर उपलब्ध कराये जाए, ताकि मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न हो सके तथा किसी भी पात्र मतदाता को अपने मताधिकार से वंचित न होना पड़े. उन्होंने निर्वाचन आयोग से आशा व्यक्त की है कि जनहित एवं निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता को दृष्टिगत रखते हुए इस विषय में निर्वाचन आयोग द्वारा शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.यही वजह है की मुख्य विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस ने अब अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर अपना फोकस अपने मतदाताओ के नाम मतदाता सूची में चढ़ाने पर लगा दिया है.ताकि अपनी ही कमी से 2027 के चुनाव में हार से हाथ न धोना पड़ जाए.