KNEWS DESK- दुनिया भर में हर साल 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस दिन शिक्षकों के योगदान और समाज के निर्माण में उनकी भूमिका को सम्मान दिया जाता है। SBI रिसर्च की रिपोर्ट देश में शिक्षकों की संख्या बढ़ने के बावजूद उच्च शिक्षा संस्थानों में बड़ी संख्या में पद खाली होने की तस्वीर सामने रखती है।
विश्व शिक्षक दिवस हर साल 5 अक्टूबर को मनाया जाता है। UNESCO की सिफारिश के बाद इस दिन को शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भूमिका को रेखांकित करने के लिए मनाया जाता है। भारत में हालांकि राष्ट्रीय शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है, जबकि 5 अक्टूबर को World Teacher’s Day के रूप में मनाया जाता है।
इस मौके पर SBI रिसर्च ने AISHE के आंकड़ों पर आधारित एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के हायर एजुकेशन सिस्टम में शिक्षकों की संख्या पिछले एक दशक में बढ़ी है। 2013-14 में देश में 13.68 लाख शिक्षक थे, जो 2023-24 में बढ़कर 17.32 लाख हो गए। यानी 10 वर्षों में शिक्षकों की संख्या में 27 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
10 साल में जुड़े 3.65 लाख शिक्षक
SBI रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, 2013-14 से 2023-24 के बीच देश के हायर एजुकेशन सिस्टम में करीब 3.65 लाख शिक्षक जुड़े हैं। इस दौरान महिला शिक्षकों की हिस्सेदारी में भी बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल शिक्षकों में महिलाओं की हिस्सेदारी 39 फीसदी से बढ़कर 45 फीसदी हो गई है। इसी अवधि में देश में हायर एजुकेशन संस्थानों की संख्या भी बढ़ी है। 2023-24 में भारत में 1,289 यूनिवर्सिटी, 48,246 कॉलेज और 15,221 स्टैंडअलोन संस्थान थे। इस तरह देश में कुल 64,756 हायर एजुकेशन संस्थान संचालित हो रहे थे।
34 फीसदी शिक्षकीय पद अब भी खाली
शिक्षकों की संख्या में बढ़ोतरी के बावजूद हायर एजुकेशन संस्थानों में शिक्षकों के स्वीकृत पदों और कार्यरत शिक्षकों के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है। SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से फंड प्राप्त करने वाले हायर एजुकेशन संस्थानों में करीब 34 फीसदी शिक्षकीय पद खाली हैं। संस्थानों की बात करें तो सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में स्वीकृत पदों में से 33 फीसदी खाली हैं। IIT में 39 फीसदी, IIIT में 54 फीसदी, NIT में 29 फीसदी और IIM में 31 फीसदी पद खाली हैं। वहीं IISER में खाली पदों की हिस्सेदारी 7 फीसदी है।
IIIT में सबसे ज्यादा खाली पद
रिपोर्ट के आंकड़ों में IIIT सबसे अधिक खाली शिक्षकीय पदों वाले संस्थानों में सामने आया है। यहां स्वीकृत पदों में 54 फीसदी पद खाली हैं। इसके बाद IIT में 39 फीसदी और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में 33 फीसदी पद खाली हैं। ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब उच्च शिक्षा में संस्थानों और छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में शिक्षकों की उपलब्धता शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को पर्याप्त शैक्षणिक मार्गदर्शन देने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
भारत में स्टूडेंट-टीचर रेश्यो 23
SBI रिसर्च की रिपोर्ट में 2023-24 के दौरान हायर एजुकेशन में स्टूडेंट-टीचर रेश्यो यानी PTR का भी उल्लेख किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर यह अनुपात 23 दर्ज किया गया। वहीं शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति ने हायर एजुकेशन के लिए 15:1 को आदर्श PTR बताया है। राज्यों के बीच भी स्टूडेंट-टीचर रेश्यो में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। बिहार में PTR 57 और झारखंड में 48 दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश में यह अनुपात 33 था। वहीं तमिलनाडु, केरल और गोवा में PTR 14 दर्ज किया गया।
2030 तक दुनिया को चाहिए 4.4 करोड़ शिक्षक
SBI रिसर्च की रिपोर्ट में UNESCO की उस टिप्पणी को भी रेखांकित किया गया है, जिसमें कहा गया है कि वर्ष 2030 तक दुनिया को प्राइमरी और सेकेंडरी स्तर पर 4.4 करोड़ अतिरिक्त शिक्षकों की जरूरत होगी। इस लिहाज से World Teacher’s Day केवल शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पदों और बेहतर स्टूडेंट-टीचर रेश्यो जैसे मुद्दों पर ध्यान देने का भी मौका है।