Knews Desk- राम मंदिर में चंदा और दान से जुड़े विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या में विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि जो लोग आज अयोध्या की आस्था और संस्कृति की बात कर रहे हैं, उन्होंने पहले हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का प्रयास किया था।
सीएम योगी अयोध्या में 432 करोड़ रुपये की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसके बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने अयोध्या के विकास, राम मंदिर निर्माण और विपक्ष की नीतियों को लेकर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को उसकी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान के अनुरूप विकसित करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जिन लोगों ने अयोध्या की आस्था को नजरअंदाज किया, वही लोग अब धार्मिक भावनाओं की बात कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “आज अयोध्या में जो लोग आस्था की बात कर रहे हैं, उन्होंने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया था।” मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या किसी अन्य धार्मिक स्थल पर दूसरी धार्मिक गतिविधि कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा संभव नहीं है तो अयोध्या में इस तरह की घटना क्यों कराई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर और सनातन संस्कृति की पहचान के रूप में विकसित करने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि आज अयोध्या विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रही है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुसार अयोध्या को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अयोध्या अब सौर ऊर्जा आधारित शहर के रूप में विकसित हो रही है और देश के प्रमुख शहरों में शामिल हो रही है। सीएम योगी ने राम मंदिर निर्माण को लेकर भी विपक्ष पर हमला किया। उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों तक राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े लोगों ने संघर्ष किया, लेकिन राम मंदिर निर्माण का सपना डबल इंजन की सरकार में पूरा हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों ने राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी कीं और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वही लोग अयोध्या में हो रहे विकास और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देख रहे हैं।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या की भदरसा नगर पंचायत का नाम बदलकर भरत नगर भरतकुंड करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम के भाई भरत का अयोध्या से विशेष संबंध रहा है और उनके सम्मान में यह नाम परिवर्तन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न जैसी महान परंपराओं से अयोध्या की पहचान जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि नए नाम के साथ क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा था। इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी अयोध्या दौरे के दौरान प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने लोगों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा था कि जांच एजेंसियां मामले की निष्पक्ष जांच करेंगी और सच्चाई सामने आएगी फिलहाल अयोध्या में विकास परियोजनाओं, मंदिर व्यवस्था और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर माहौल गर्म बना हुआ है।