डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज हरदोई जनपद के मल्लावां पहुंचे। वहां उन्होंने बहुचर्चित शिल्पी हत्याकांड के पीड़ित परिजनों से उनके पैतृक आवास ‘गढ़ी रसूलपुर’ में मुलाकात की। सपा सुप्रीमो ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि इस दुख की घड़ी में समाजवादी पार्टी पूरी तरह उनके साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेगी। मुलाकात के दौरान शिल्पी के परिजनों ने अखिलेश यादव को अपनी व्यथा सुनाई और 11 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। परिजनों का आरोप है कि घटना के शुरुआती दौर में पुलिस प्रशासन का रवैया ढुलमुल रहा, जिसके कारण उन्हें भारी मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी। परिवार ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता एवं सुरक्षा प्रदान की जाए। अखिलेश यादव ने मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा, “प्रदेश में कानून व्यवस्था का इकबाल खत्म हो चुका है। बेटियों के साथ हो रही ऐसी बर्बरता हृदयविदारक है। हम सदन से लेकर सड़क तक शिल्पी के हक की आवाज उठाएंगे।”
क्या था पूरा मामला?
हरदोई जनपद की मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गढ़ी रसूलपुर गांव में बीते कुछ दिनों पूर्व शिल्पी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में भारी जनाक्रोश देखने को मिला था। पुलिस ने हालांकि तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में पुलिसिया लापरवाही भी उजागर हुई थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने मल्लावां कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (इंस्पेक्टर) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। विभागीय जांच में यह बात सामने आई थी कि घटना के समय शुरुआती कार्रवाई में तत्परता नहीं दिखाई गई थी।

प्रशासन पर अखिलेश ने किया तीखा हमला
पीड़ित परिवार से मिलने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों पुलिस अधीक्षक को इंस्पेक्टर को निलंबित करना पड़ा? इसका मतलब साफ है कि स्थानीय स्तर पर अपराधियों को संरक्षण मिल रहा था। उन्होंने आगे कहा, “सपा की टीम लगातार इस केस पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि आरोपियों के खिलाफ इतनी सख्त पैरवी हो कि वह दोबारा ऐसी हिम्मत न कर सकें।”
सांत्वना और आश्वासन
मुलाकात के अंत में अखिलेश यादव ने भावुक परिजनों को आश्वस्त किया कि समाजवादी पार्टी हर संभव कानूनी और सामाजिक मदद उन्हें प्रदान करेगी। गढ़ी रसूलपुर में सपा सुप्रीमो के आगमन को लेकर भारी सुरक्षा बल तैनात रहा और बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ताओं की भीड़ भी उमड़ी। इस दौरे ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मुद्दे को गरमा दिया है।