डिजिटल डेस्क- अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जारी देशव्यापी सियासी घमासान के बीच आज एक नया और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अचानक अयोध्या पहुंचे और रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। यह दौरा ठीक ऐसे समय पर हुआ है जब मंदिर ट्रस्ट के दो बड़े पदाधिकारियों चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों और एसआईटी (SIT) की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने देश की राजनीति को गरमाया हुआ है।
“रामलला से प्रार्थना की, महापापियों को सजा मिले” — केजरीवाल
रामलला के दर्शन करने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए अरविंद केजरीवाल ने सीधे तौर पर इस विवाद को लेकर सरकार और दोषियों पर निशाना साधा। केजरीवाल ने कहा, “हमने आज श्रीराम मंदिर में रामलला के दर्शन किए, उनका आशीर्वाद लिया और देश की खुशहाली की प्रार्थना की। साथ ही, हमने भगवान से यह भी प्रार्थना की है कि जिन लोगों ने भी प्रभु श्रीराम के मंदिर से चढ़ावा चोरी करने का यह घिनौना महापाप किया है, भगवान उन्हें कठोर से कठोर दंड दें। इस दौरान उनके साथ ‘आप’ सांसद संजय सिंह और भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे। अयोध्या की सड़कों पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। केजरीवाल ने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से भी अनुरोध किया कि वे भी उनके साथ चलकर रामलला के दर्शन करें।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का जवाब: “दोषियों के खिलाफ होगी सबसे सख्त कार्रवाई”
केजरीवाल के इस दौरे और विपक्ष के हमलावर रुख पर उत्तर प्रदेश सरकार ने भी तुरंत जवाब दिया है। सूबे के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि सरकार इस पूरे मामले को लेकर बेहद गंभीर है। डिप्टी सीएम ने कहा, “राम मंदिर के चंदा और चढ़ावा प्रकरण में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसके खिलाफ ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बनेगी। सरकार ने पहले दिन से ही मामले को गंभीरता से लिया है और इसीलिए तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर एसआईटी जांच शुरू करा दी गई थी।”
बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा का पलटवार: “विपक्ष के बोलने से पहले ट्रस्ट ने खुद दर्ज कराई थी FIR”
वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने इस मुद्दे पर राजनीति चमकाने का आरोप लगाते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। दिनेश शर्मा ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा, “विपक्ष के पास अब कोई नैतिक मुद्दा नहीं बचा है। विपक्ष ने जब इस मामले पर आरोप लगाना शुरू भी नहीं किया था, उससे पहले ही राम मंदिर ट्रस्ट ने पूरी पारदर्शिता दिखाते हुए खुद आगे बढ़कर एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी तत्परता का नतीजा है कि सरकार ने तुरंत एसआईटी बनाई और अब तक इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।” उन्होंने साफ किया कि 25 जून को दर्ज हुई इस एफआईआर के बाद से जांच पूरी तरह निष्पक्षता से आगे बढ़ रही है, इसलिए विपक्ष को इस पवित्र स्थल पर आकर राजनीतिक रोटियां सेंकने से बाज आना चाहिए। बहरहाल, केजरीवाल की अयोध्या एंट्री ने इस पूरे चंदा विवाद को अब राष्ट्रीय स्तर पर एक नए सियासी अखाड़े में तब्दील कर दिया है।