डिजिटल डेस्क- ताजनगरी के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक शख्स को उसके जन्मदिन पर ही मौत का ‘तोहफा’ दे दिया गया। ससुराल में चल रही पार्टी के दौरान दामाद की शराब में सल्फास मिलाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। चार महीने तक चली लंबी जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी और ससुर को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक, मृतक और उसकी पत्नी तनु के बीच पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था। हालाँकि उनकी शादी को अभी महज तीन साल ही हुए थे, लेकिन रिश्तों में आई खटास इतनी बढ़ गई कि पत्नी ने अपने पिता के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। साजिश के तहत युवक को ससुराल में एक जन्मदिन समारोह के बहाने बुलाया गया। रात में जब पार्टी का दौर चल रहा था, तभी मौका पाकर ससुर महेंद्र और पत्नी तनु ने उसकी शराब में घातक सल्फास (जहर) मिला दिया।
रात 3 बजे बिगड़ी हालत, अस्पताल में हुई मौत
शराब पीने के कुछ देर बाद ही युवक की तबीयत बिगड़ने लगी। रात करीब 3 बजे जब उसकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई, तो उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उस वक्त ससुराल पक्ष ने इसे सामान्य मौत या आकस्मिक बीमारी दिखाने की कोशिश की थी, लेकिन मृतक के परिजनों को शुरू से ही दाल में कुछ काला नजर आ रहा था। घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इसके बाद विसरा को जांच के लिए लखनऊ स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा गया। लगभग चार महीने के इंतजार के बाद जब रिपोर्ट आई, तो उसमें सल्फास से मौत की पुष्टि हुई। इस वैज्ञानिक साक्ष्य ने आरोपियों के झूठ का पर्दाफाश कर दिया।
कानूनी लड़ाई और पुलिसिया कार्रवाई
मृतक के परिजनों ने हार नहीं मानी और इंसाफ के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर 5 जनवरी को मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में जांच कमला नगर थाना पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई। डीसीपी सिटी अली अब्बास ने बताया कि पुलिस पूछताछ में पत्नी और ससुर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि आपसी कलह और रोज-रोज के झगड़ों से छुटकारा पाने के लिए उन्होंने जन्मदिन की पार्टी को हत्या के लिए चुना।
“मेरे बेटे को मिला इंसाफ”
मृतक की मां ने नम आंखों से बताया कि उन्हें यकीन था कि उनके बेटे की जान ली गई है। उन्होंने कहा, “ससुराल वाले झूठ बोलते रहे, लेकिन ऊपर वाले के घर देर है अंधेर नहीं। आज मेरा बेटा वापस तो नहीं आएगा, लेकिन दोषियों को जेल जाते देख कलेजे को थोड़ी ठंडक मिली है।” पुलिस ने धारा 302 (हत्या) के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को जेल भेज दिया है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध कितना भी शातिराना क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बच पाना नामुमकिन है।