लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर कंफ्यूजन में घुस रहे बाइक सवार: न चेतावनी बोर्ड है, न पुलिस रोकती है; लौटने पर कट जाता है चालान

Knews Desk- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बाइकसवारों की एंट्री बंद नहीं हो रही है। बाइकसवार कंफ्यूजन में एक्सप्रेसवे पर चढ़ जाते हैं। एंट्री करने पर उन्हें चेतावनी बोर्ड नहीं आता क्योंकि यह एक बड़े बोर्ड के पीछे छिपाकर रखा है। पुलिस की गाड़ी एंट्री पर खड़ी रहती है।

कुछ पुलिसवाले भी बाइकसवारों को एक्सप्रेसवे पर चढ़ते देखते रहते हैं लेकिन रोकते नहीं हैं। वो इंतजार करते हैं बाइकसवारों के लौटने का। उसके बाद रॉन्ग साइड से लौट रहे बाइकसवारों को रोक-रोककर उनका चालान काटते हैं।

उद्घाटन के दूसरे दिन ही दो दोस्तों की मौत हुई

गौरतलब है कि बुधवार शाम बंथरा थाना क्षेत्र में इसी एक्सप्रेसवे पर हुए एक सड़क हादसे में दो बाइक सवार युवकों की मौत हो गई थी। इस घटना के बावजूद प्रतिबंधित वाहनों की आवाजाही को प्रभावी ढंग से नहीं रोका जा रहा है। हादसे के बाद एनएचएआई ने दरोगा खेड़ा के पास एक छोटा चेतावनी बोर्ड लगाया है।

हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बोर्ड आकार में छोटा होने और बड़े दिशासूचक बोर्ड के कारण आसानी से दिखाई नहीं देता। दरोगा खेड़ा से एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद शिवपुरा और बनी के पास इंटरचेंज बने हैं, जहां टोल बैरियर लगे हैं।

यदि कोई बाइक सवार गलती से यहां पहुंच जाता है, तो टोलकर्मी उसे नीचे उतरने नहीं देते और वापस भेज देते हैं। इससे चालक को उल्टी दिशा में लौटना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

लोगों का कहना है कि यदि एंट्री पॉइंट पर ही ट्रैफिक पुलिस बाइक चालकों को रोककर प्रतिबंध की जानकारी दें और वैकल्पिक मार्ग बताएं, तो न केवल हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है बल्कि अनावश्यक चालान और लोगों की परेशानी भी रोकी जा सकती है।

अब पढ़िए क्या बोले बाइकसवार-

गलती से एक्सप्रेसवे पर चढ़ा

शिवम सिंह को कटी बगिया की तरफ जाना था। वह एक्सप्रेसवे पर चढ़ गए। कुछ दूर गए तो उन्हें एक व्यक्ति ने रोक दिया। लौटने पर दैनिक भास्कर रिपोर्टर राकेश कुमार ने उनसे पूछा कि एक्सप्रेसवे पर क्यों चढ़ गए थे, जबकि इस पर दोपहिया बैन है? इस पर राहुल ने बताया कि जानकारी नहीं थी। यहां कोई सूचना भी नहीं लगी है। आगे गया तो मुझे एक व्यक्ति ने रोक दिया और लौटकर नीचे से जाने के लिए कहा।