KNEWS DESK – उत्तर प्रदेश को आमों का प्रदेश कहा जाता है, जहां लखनऊ का मलिहाबाद अपनी दशहरी, लंगड़ा, चौसा और सफेदा जैसी किस्मों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। लेकिन अब पूर्वांचल के संतकबीर नगर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने आम की खेती की परंपरागत पहचान को एक नया और वैश्विक आयाम दे दिया है।
किसान ने उगाया ‘मियाजाकी’ आम
संतकबीर नगर के बघौली क्षेत्र के शिवापार गांव के प्रगतिशील किसान हरिशंकर यादव ने दुनिया के सबसे महंगे और दुर्लभ माने जाने वाले जापानी ‘मियाजाकी’ आम का सफल उत्पादन कर सभी को हैरान कर दिया है।
करीब दो साल पहले लगाए गए तीन पौधों पर अब फल लग चुके हैं। इन फलों का रंग गहरा लाल-बैंगनी है और इनका वजन लगभग 200 से 250 ग्राम तक पहुंच रहा है।
क्या है ‘मियाजाकी’ आम?
मियाजाकी आम मूल रूप से जापान के मियाजाकी प्रांत में उगाया जाता है और इसे दुनिया के सबसे प्रीमियम फलों में गिना जाता है। जापान में इसे ‘ताइयो नो टोमागो’ यानी ‘एग ऑफ द सन’ के नाम से भी जाना जाता है।
पकने पर इसका रंग सामान्य आमों से अलग गहरा लाल और बैंगनी आभा लिए होता है, जो इसे बेहद खास बनाता है।
क्यों है इतना महंगा?
मियाजाकी आम की ऊंची कीमत के पीछे कई कारण हैं—
- इसकी खेती नियंत्रित और विशेष जलवायु में होती है
- हर फल की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी रखी जाती है
- उत्पादन बेहद सीमित होता है
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह प्रीमियम श्रेणी में आता है
जानकारों के अनुसार, वैश्विक बाजार में इसकी कीमत 2.5 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है, जबकि भारत में यह 70 हजार से 1 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक सकता है।
पोषण से भी भरपूर
यह आम सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि पोषण के लिहाज से भी खास माना जाता है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं।
यूपी मैंगो फेस्टिवल में भी दिखा जलवा
लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश मैंगो फेस्टिवल में इस बार 800 से अधिक आम की किस्में प्रदर्शित की गईं। दशहरी, लंगड़ा, चौसा जैसी पारंपरिक किस्मों के बीच अब मियाजाकी जैसे विदेशी आम भी आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।
हरिशंकर यादव की यह सफलता दिखाती है कि यदि वैज्ञानिक तरीके से खेती और नवाचार को अपनाया जाए, तो छोटे गांव भी वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना सकते हैं। संतकबीर नगर में मियाजाकी आम की सफल खेती ने प्रदेश के किसानों के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं।