किसानों की आय बढ़ाने की ओर अग्रसर सरकार

उत्तर प्रदेश-  लखनऊ, अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार प्रदेश में शत- प्रतिशत पात्र किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने के लिए आगे आई है। इसी क्रम में सरकार ने योजना से किसी भी कारण से वंचित सभी किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए ग्राम पंचायत और तहसील स्तर पर शिविर कैंप लगाने के बाद अब 24 जून से राज्य के प्रत्येक विकासखंड में राजकीय कृषि बीज भंडार पर शिविर कैंप का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इन शिविर कैंप के माध्यम से किसानों की हर समस्या का समाधान किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीएम किसान सम्मान निधि की 14वीं किस्त उनके खाते में आ सके। अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी की ओर से इस संबंध में समस्त जिलाधिकारियों, कृषि निदेशक एवं समस्त उप कृषि निदेशकों को आदेश जारी किया गया है।

 

सुबह 10 से शाम 5 बजे तक लगेगा कैंप

पीएम किसान लाभार्थी संतृप्तीकरण शिविर कैंप प्रदेश के समस्त विकास खंडों के राजकीय बीज भंडार पर लगाया जाएगा। इसमें कृषि विभाग के तकनीकी सहायक, लेखपाल, कॉमन सर्विस सेंटर एवं पोस्ट ऑफिस के प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे। संबंधित जिलाधिकारी शिविर के लिए कार्मिकों का पैनल निर्धारित करेंगे। शिविर में समस्त संबंधित कार्मिक प्रत्येक कार्यालय दिवस में प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक उपस्थित होकर कृषकों की समस्याओं का निस्तारण करेंगे। कैंप आयोजन के लिए उप कृषि निदेशक नोडल अधिकारी होंगे तथा उनके द्वारा कैंप के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उप कृषि निदेशक प्रतिदिन कैंप की प्रगति समस्त विकास खड़ों से संकलित कराकर कृषि निदेशालय को उपलब्ध कराएंगे।

लाखों किसानों को दी जा चुकी है मदद

प्रदेश में पीएम किसान योजना दिसंबर 2018 से संचालित की जा रही है। केंद्र सरकार के कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 14वीं किस्त निर्गत करने से पूर्व सभी पात्र कृषकों के भूलेख का अंकन एवं बैंक खाते को आधार से लिंक किया जाने के साथ ही ई-केवाईसी कराया जाना अनिवार्य कर दिया गया है तथा आगामी किस्तें आधार संबंधित गेट-वे पेमेंट से ही किया जाना है। इस क्रम में, जनपद के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में 22 मई से 10 जून तक शिविर कैंप का आयोजन किया गया। वहीं,प्रदेश के समस्त तहसील मुख्यालय पर 13 से 23 जून तक शिविर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। शिविर कैंप के माध्यम से अब तक लगभग 23.52 लाख कृषकों की समस्त समस्याओं का निस्तारण कराया गया है. इसमें 4.55 लाख ईकेवाईसी, 5.48 लाख भूलेख अंकन, 4.39 लाख बैंक खाते के साथ आधार सीडिंग, 2.86 लाख ओपन सोर्स पंजीकृत कृषकों का सत्यापन एवं 2.66 लाख कृषकों के नए पंजीकरण सम्मिलित हैं।

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