KNEWS DESK- दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2026 को लेकर एक अनोखी और मानवीय पहल की घोषणा की है। इस बार न केवल परीक्षा देने वाले छात्रों की सुविधा का ध्यान रखा जाएगा, बल्कि उनके साथ आने वाले अभिभावकों के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में इस बार कुल 97 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 69 सरकारी स्कूल और 28 केंद्रीय विद्यालय शामिल हैं। इन सभी केंद्रों के आसपास जिला प्रशासन की ओर से कूलिंग जोन स्थापित किए जा रहे हैं।
इन कूलिंग जोन में अभिभावकों के लिए बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, शिकंजी, ओआरएस, चाय और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उन्हें भीषण गर्मी में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल लाखों अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य के सपनों के साथ परीक्षा केंद्रों तक पहुंचते हैं, लेकिन परीक्षा के दौरान उन्हें कई घंटों तक बाहर इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान उन्हें धूप और गर्मी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि अब अभिभावकों को न तो पेड़ों की छांव ढूंढनी पड़ेगी और न ही इधर-उधर भटकना पड़ेगा। सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर आरामदायक प्रतीक्षा क्षेत्र बनाए जा रहे हैं।
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल परीक्षा आयोजित करना नहीं, बल्कि परीक्षा से जुड़े हर व्यक्ति के अनुभव को बेहतर बनाना है। जब अभिभावक शांत और सहज रहेंगे, तो छात्रों पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है और भविष्य में देशभर में परीक्षाओं के दौरान ऐसी सुविधाएं लागू की जा सकती हैं।
इसके अलावा दिल्ली सरकार ने भीषण गर्मी से राहत देने के लिए 85 शेड, 15 कूलिंग जोन और 13 मोबाइल राहत वैन की व्यवस्था भी की है, जो लगातार लोगों को राहत प्रदान कर रही हैं।
इस पूरी पहल को सरकार ने जनकल्याण और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।