दिल्ली सरकार ने शराब टैक्स से कमाई में बनाया रिकॉर्ड, पहली तिमाही में जुटाए 1038 करोड़ रुपये

Knews Desk- दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में शराब से होने वाले टैक्स राजस्व में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की है। विभाग के अनुसार, इस अवधि में सरकार ने करीब 1038 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 17 प्रतिशत अधिक है।

अधिकारियों का कहना है कि इस बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं, जिनमें शराब की बिक्री में तेजी, सप्लाई चेन का बेहतर प्रबंधन और आबकारी चोरी रोकने के लिए उठाए गए कड़े प्रशासनिक कदम शामिल हैं। इसके साथ ही विभिन्न ब्रांडों की उपलब्धता बढ़ने से उपभोक्ताओं को ज्यादा विकल्प मिले हैं, जिसका सीधा असर बिक्री पर पड़ा है। पिछले साल इसी अवधि में आबकारी राजस्व लगभग 885 करोड़ रुपये था, जबकि इस साल यह बढ़कर 1038 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सरकार का अनुमान है कि आने वाले समय में यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।

आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कुल राजस्व लक्ष्य करीब 7148 करोड़ रुपये था, जबकि 2026-27 के लिए इसे बढ़ाकर 7200 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। विभाग को उम्मीद है कि बाजार में ब्रांड्स की संख्या बढ़ने और सप्लाई सिस्टम के बेहतर होने से राजस्व संग्रह में और मजबूती आएगी। दिल्ली में शराब की बिक्री में यह बढ़ोतरी आंशिक रूप से पड़ोसी शहरों नोएडा और गुरुग्राम से आने वाले उपभोक्ताओं के कारण भी हो सकती है। पहले इन शहरों में प्रतिस्पर्धी कीमतों और अधिक विकल्पों के कारण कई ग्राहक वहां चले जाते थे, लेकिन अब स्थिति में बदलाव देखने को मिल रहा है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि पिछले साल नीति को लेकर अनिश्चितता के कारण शराब ब्रांड्स के रजिस्ट्रेशन में गिरावट आई थी, लेकिन अब स्थिति स्थिर होने के बाद बाजार में फिर से विस्तार हो रहा है। इससे दिल्ली के रिटेल शराब बाजार में उपलब्धता बढ़ी है और राजस्व में सुधार हुआ है। दिल्ली में वर्तमान में 700 से अधिक सरकारी और लाइसेंसी शराब दुकानें संचालित हो रही हैं। इसके अलावा 900 से ज्यादा होटल, क्लब और रेस्तरां भी हैं जिन्हें शराब परोसने का लाइसेंस प्राप्त है।

गौरतलब है कि मौजूदा आबकारी व्यवस्था 2021 से पहले की प्रणाली का ही विस्तार है, जिसे 2022 में नई नीति वापस लिए जाने के बाद लागू किया गया था। तब से यह व्यवस्था समय-समय पर बढ़ाई जा रही है और इसी ढांचे के तहत सरकार राजस्व संग्रह कर रही है। शराब बिक्री से टैक्स राजस्व में आई यह वृद्धि दिल्ली सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतक मानी जा रही है।

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