मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश भवन विकास निगम की आय बढ़ाने के लिए नई रेवेन्यू-जनरेटिंग बॉडी बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स को समय से पहले पूरा करने और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले जन-मन ऑडिटोरियम का काम पूरा करने पर जोर दिया गया है।
Knews Desk– मध्य प्रदेश भवन विकास निगम लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की पांचवीं बैठक सोमवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। इस दौरान निगम के कामकाज, निर्माण परियोजनाओं, राजस्व बढ़ाने के उपायों और संगठनात्मक बदलावों को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निगम की आय बढ़ाने के लिए एक रेवेन्यू-जनरेटिंग बॉडी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आय के नए और वैकल्पिक स्रोत विकसित कर राजस्व जुटाने की दिशा में तुरंत काम शुरू किया जाना चाहिए। बोर्ड ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी भी दे दी है।
मुख्यमंत्री ने भवन विकास निगम की ओर से चलाए जा रहे बड़े निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरा करने की कोशिश करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास परिसर में बन रहे जन-मन ऑडिटोरियम का निर्माण जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा करने को कहा।
बैठक में निगम के दो प्रमुख प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। अब 25 करोड़ रुपये तक की प्राक्कलित अनुबंध राशि वाली निविदाओं को स्वीकृत या निरस्त करने की जिम्मेदारी निगम के प्रबंध संचालक और संबंधित अधिकार समिति को दी गई है। इसके अलावा महाप्रबंधक तकनीकी संवर्ग में महाप्रबंधक निविदा और महाप्रबंधक रीडेंसिफिकेशन के दो नए पद सृजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में बताया गया कि लोक निर्माण विभाग ने भवन विकास निगम को कुल 763 निर्माण परियोजनाएं सौंपी हैं। इन सभी जारी परियोजनाओं की कुल निर्माण लागत करीब 10,994 करोड़ रुपये है। निगम पारदर्शिता और मानकीकरण बढ़ाने के लिए आईआईएम इंदौर के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया और स्टैंडर्ड टेंडर डॉक्यूमेंट तैयार करने का काम भी कर रहा है।
निगम के अधिकारियों ने बताया कि किसी प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ठेकेदारों को भुगतान करने में लगने वाला औसत समय 33 दिन से घटकर अब 11 दिन रह गया है। इसके अलावा राज्य में पांच नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण भी निगम की ओर से किया जा रहा है। इनमें उज्जैन की मेडिसिटी, सिंगरौली, मंडला, रीवा और बुधनी शामिल हैं।
उज्जैन में जॉइंट एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग का निर्माण भी जारी है। मुख्यमंत्री ने इन सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल कॉलेजों से जुड़े नए भवन और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को केंद्र सरकार के वायबिलिटी गैप फंडिंग नियमों के अनुरूप विकसित करने को भी कहा गया है।
मुख्यमंत्री आवास परिसर में करीब 26.57 करोड़ रुपये की लागत से जन-मन ऑडिटोरियम तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा भोपाल में करीब 130 करोड़ रुपये की लागत से 150 कमरों वाला नया स्टेट गेस्ट हाउस और जबलपुर में करीब 65 करोड़ रुपये की लागत से 75 कमरों वाला सर्किट हाउस भी बनाया जा रहा है।