उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड राज्य देवभूमि के साथ साथ वीरभूमि के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि यह राज्य है, जहाँ के हर घर से एक जवान देश सेवा के लिए निकलता है, यही नहीं यहाँ के युवा के लिए सेना में जाना विरासत मिलने के बराबर है। इसी सैन्य परंपरा को सम्मान देने के लिए देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम का निर्माण किया गया है। जहाँ एक ओर राज्य में प्रमुख चार धाम है. तो वही सैन्य धाम को भी पांचवे धाम की उपाधि दी गई हैं। आपको बता दे, कि सैन्य धाम की नींव 2022 विधानसभा चुनाव से पहले रखी गई थी. जिसके शिलान्यास के दौरान 1734 शहीद परिवारों के आंगन की मिट्टी और प्रदेश की 28 पवित्र नदियों के जल को नींव में रखा गया था। राज्य सरकार के अनुसार शहीदों की स्मृतियों को संजोना और उनकी शौर्यगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए सैन्य धाम की अहम भूमिका रहेगी। वही शुरूआती समय से ही सैन्य धाम निर्माण का विषय कई विवादों में भी रहा है। कभी निर्माण में अनियमितता और तो कभी जमीनी विवाद को लेकर सवाल उठते रहे। लेकिन अब निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन पिछले 6 महीने से लोकार्पण होना लटका हुआ है। सूत्रों के मुताबिक सत्ताधारी सरकार पांचवें धाम का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा कराना चाहती है। इस बीच उत्तराखण्ड सैनिक कल्याण मंत्री के एक बयान ने सैन्य धाम के लोकर्पण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिये हैं, दरअसल, उनके अनुसार सैन्य धाम बीजेपी सरकार ने बनाया है, इसलिए चुनाव से पहले इसका उद्घाटन कर राजनीतिक लाभ लिया जायेगा। मंत्री के इस बयान के बाद विपक्ष ने भी निशाना साधा है, जिसके चलते आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला तेज़ हो गया है।
उत्तराखंड में पांचवें धाम के रूप में बनकर तैयार हुए सैन्य धाम के उद्घाटन से पहले सियासत शुरू हो गई है। भाजपा सैन्य धाम का उद्घाटन इस लिए नहीं कर रही है. क्योंकि उसे इसका चुनावी माइलेज लेना है..तो कांग्रेस ने सैन्य धाम का चुनावी फायदा उठाने पर भाजपा पर तंज कसा है।आपको बता दे, हालांकि सैन्य धाम का निर्माण पूरी तरह से हो चुका है. लेकिन अब लोकार्पण को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पिछले 6 महीने से धाम के लोकार्पण का काम लटका हुआ है..बताया जा रहा है कि इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समय का इंतजार किया जा रहा है.. लेकिन सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी का कहना है.कि यह धाम भाजपा सरकार ने बनाया है.. ऐसे में इसका पॉलिटिकल माइलेज बीजेपी को मिले ,, इसलिए चुनाव से पहले इसका उद्घाटन होगा वही विपक्षी दलों ने जोशी के बयान की निंदा करते हुए इसे शहीदों का अपमान बताया है.जिस पर अब नई बहस जारी है.
आपको बता दे, प्रदेश में 2027 के चुनाव को लेकर बेहद कम समय बचा है.और वीरो की भूमि कहे जाने वाले देवभूमि में सैनिको और उनके परिवार के सदस्यों की संख्या किसी भी राजनैतिक पार्टी को चुनाव में जीतने के लिए बड़ी कामयाबी भी है.यही वजह है.की पहाड़ का पानी और जवानी हमेशा राजनीति के चश्मे से भी पार्टियों को फायदे में रखती आई है.जिसके लिए सभी राजनैतिक दल चुनावी वर्ष में सैनिको का विशेष ध्यान रखते है.इसी वजह से सैन्य भूमि पर सैन्य धाम को काफी दिव्य भव्य रूप से बनाया भी गया है. हालांकि कई विवादों में रहे इस सैन्य धाम को लेकर एक बार फिर राजनीति कैबिनेट मंत्री के बयान को लेकर शुरू हो चुकी है.दरअसल सैन्य धाम का निर्माण कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की विधानसभा क्षेत्र में हो रहा है..कई बार खुद मंत्री सैन्य धाम के निर्माण को लेकर विवादों में घिर चुके हैं.. अब वह चाहते हैं कि उदघाटन उस वक्त हो जब चुनाव करीब हो.. ताकि इसका फायदा बीजेपी से ज्यादा उन्हें खुद अपने विधानसभा क्षेत्र में मिल सके। अब आप इस बयान को किस नजरिए से देख रहे है,वो आप बखूबी समझ गए होंगे।