सियासत जारी,पूर्व विधायक की गिरफ्तारी !      

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड का बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड 2022 से ही प्रदेश की राजनीति में बेहद संवेदनशील और गंभीर मुद्दा बना हुआ है. इस मामले ने लंबे समय से राजनीतिक तूल पकड़ा हुआ है.और समय-समय पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा है.उक्त मामले में विपक्षी दलों के साथ ही आमजन में भी आक्रोश देखने को मिला.सरकार के निर्देश पर पुलिस ने दोषियों को पकड़कर कार्रवाई शुरू की,लेकिन सजा के बाद भी अंकिता के माता-पिता, सामाजिक संगठनों और विपक्ष का विरोध जारी रहा.आरोप था कि पुलिस और एस आई टी हत्याकांड के पीछे के मुख्य आरोपी वीआईपी का नाम छुपा रही है,जिसके दबाव में हत्या की गई. वही यह मामला जांच के बीच 22 दिसंबर 2025 को मामला फिर सुर्खियों में आया,जब अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर एक विवादित ऑडियो क्लिप जारी की, क्लिप में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला के बीच कथित बातचीत में वीआईपी के नाम का जिक्र था,जिसके तहत कई भाजपा नेताओं के नामों को सम्मिलित किया जा रहा था.उसके बाद भी प्रदेशभर में आंदोलन हुए और CBI जांच की मांग तेज हुई. वही धामी सरकार ने CBI जांच को मंजूरी दी और जांच अभी भी जारी है.लेकिन उर्मिला सनावर की कथित ऑडियो क्लिप के बाद 5 जनवरी 2026 को सत्ता पक्ष के नेता ने क्लिप को फर्जी बताते हुए सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर पर कार्रवाई की मांग की. हरिद्वार-देहरादून के कई थानों में मुकदमे दर्ज हुए.भाजपा नेता द्वारा आरोप लगाया गया कि किसी साजिश के तहत भाजपा नेताओं को बदनाम कर प्रदेश में तनाव,उपद्रव और दंगे फैलाने की कोशिश की गई.वही भाजपा नेता की तहरीर के आधार पर बीते रविवार देहरादून पुलिस ने भाजपा के ही पूर्व विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन सुरेश राठौर की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर व्यापक चर्चा छिड़ गई है.और नए दावे-आरोप सामने आ रहे हैं.

पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को डालनवाला पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम पर की गई कथित टिप्पणी से जुड़े मुकदमे में हुई है।हाल ही में हाईकोर्ट ने राठौर के खिलाफ दर्ज चार मुकदमों में से दो को निरस्त कर दिया था,जबकि दो मामलों में जांच जारी रखने के निर्देश दिए थे। इन्हीं में से एक मामले में यह कार्रवाई की गई है।जिस पर कोर्ट ने राठौर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत के लिए जेल भी दिया है जिस पर एक बार फिर अंकिता हत्या कांड में वीआईपी के नाम और उसकी गिरफ्तारी को लेकर राजनितिक हलचल को और प्रदेश में गर्म के दिया है जिस पर फिर ये मामला तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है.

गौरतलब है कि सुरेश राठौर ज्वालापुर विधानसभा से भाजपा के विधायक रह चुके हैं. पिछले दिनों सहारनपुर की अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर कई ऑडियो शेयर किए थे. इन ऑडियो को कथित रूप से अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा बताया गया था. शिकायतकर्ताओं दुष्यंत गौतम और आरती गौर ने आरोप लगाया था कि प्रसारित सामग्री जानबूझकर उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के मकसद से तैयार की गई थी. वहीं सुरेश राठौर ने देहरादून और हरिद्वार में अपने खिलाफ दर्ज चार एफआईआर में लगे आरोपों को निराधार बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. लेकिन अब छवि खराब करने और अफवाह फैलाने के आरोप में राठौर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है. लेकिन कही न कही इस गिरफ्तारी के बाद अंकिता हत्याकांड में वीआईपी एंगल पर सियासत फिर गरमा गई है. देखने वाली बात यह होगी की सुरेश राठौड़ की गिरफ्तारी से यह मामला और क्या नये तथ्य पेश करता है,या फिर केवल आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला ही इस मामले को लेकर चलता रहेगा।

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