विपक्ष की लड़ाई,लेटर बम पर आई ! 

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है. अपनी ही चर्चाओं में रहने वाले गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल कथित पत्र ने उत्तराखंड की सियासत में हड़कंप मचा दिया है। पत्र में विधायक ने उत्पीड़न और अनदेखी का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पत्र का हवाला देकर सरकार पर हमला बोला है, उनके द्वारा कहा गया कि जब सत्ताधारी दल के विधायक ही सुरक्षित नहीं तो आम जनता का क्या हाल होगा, उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। सोशल मीडिया पर इन दिनों अरविंद पांडे के नाम से जुड़ा एक पत्र वायरल हो रहा है. गणेश गोदियाल ने इस पत्र को आधार बनाते हुए धामी सरकार पर हमला बोला है. गणेश गोदियाल ने कहा पिछले तीन सालों से राज्यपाल से एक महत्वपूर्ण विषय के संबंध में समय मांगा जा रहा है. पर राज्यपाल राजनीति से प्रेरित होकर समय नहीं दे रहे हैं. तभी यह महत्वपूर्ण विषय मीडिया के समक्ष सरकार तक पहुंचाया जा रहा है.इस पत्र में अरविंद पांडे ने जिस व्यक्ति को यह पत्र संबोधित किया है. उसको काले रंग से मिटा दिया गया है. जिन शब्दों का उपयोग किया गया है. वह बता रहा है, कि यह पत्र किसे संबोधित किया गया है. उन्होंने कहा इस पत्र में इतनी गंभीर बातें कही गई है. जिनकी जांच न्यायिक देखरेख में कराना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा पत्र में लिखा गया है, कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पिछले 4 सालों से उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं. मुख्यमंत्री की शय पर 13 मार्च 2025 को बाजपुर थाने में फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया. दोबारा 20 जनवरी 2026 को अरविंद पांडे पर दबाव बनाने के लिए उनके परिवार पर जमीन कब्जाने का झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया.वहीं भाजपा ने पत्र को फर्जी और विपक्ष की साजिश बताया। प्रदेश भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए बताया कांग्रेस हताशा में फर्जी पत्रों से सरकार की छवि खराब कर रही है. जो कांग्रेस का केवल राजनीतिक प्रोपेगेंडा है।कुल मिला कर अपनी ही सरकार के विधायक के इस लेटर बम ने राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल पैदा कर दी है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उत्तराखंड की धामी सरकार पर सवाल उठाए हैं. गदरपुर से भाजपा विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे की ओर से लिखे गए पत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े खड़े किए हैं.सोशल मीडिया पर इन दिनों अरविंद पांडे के नाम से जुड़ा एक पत्र वायरल हो रहा है.गणेश गोदियाल ने इस पत्र को आधार बनाते हुए धामी सरकार पर हमला बोला है.वहीं भाजपा ने पत्र को फर्जी और विपक्ष की साजिश बताया। प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कहा कि विधायक अरविंद पांडे ने संगठन को ऐसा कोई पत्र नहीं दिया और न ही शिकायत का कोई आधिकारिक संज्ञान है। दीप्ति रावत के अनुसार यह पत्र पूरी तरह फर्जी है, और विधायक अरविंद पांडे ने भी इसकी पुष्टि नहीं की है। प्रदेश महामंत्री ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस हताशा में फर्जी पत्रों से सरकार की छवि खराब कर रही है. जो कांग्रेस का केवल राजनीतिक प्रोपेगेंडा है।

प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में उनके ही विधायक सुरक्षित नहीं है। ऐसे में आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा वायरल पत्र ने एक बार फिर राजनीति में हलचल तेज कर दी है.अरविंद पांडे ने जिस व्यक्ति को यह पत्र संबोधित किया है. उसको काले रंग से मिटा दिया गया है. जिन शब्दों का उपयोग किया गया है. वह बता रहा है, कि यह पत्र किसे संबोधित किया गया है.साथ ही इस पत्र में इतनी गंभीर बातें कही गई है. जिनकी जांच न्यायिक देखरेख में कराना बहुत जरूरी है.ऐसा कांग्रेस का मानना है,वही भाजपा ने भाई विपक्ष पर प्रहार करते हुए इस पत्र को कांग्रेस की चाल बताया है,और मुख्यमंत्री की छवि को खराब करने की कोशिश बताया। 

आपको बता दे,हालही मे काशीपुर में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रशिक्षण वर्ग की कार्य योजना बैठक उस समय चर्चा का केंद्र बन गई, जब पूर्व शिक्षा मंत्री और गदरपुर विधायक अरविंद पांडे ने मीडिया के सामने एक बेहद भावुक और चौंकाने वाला बयान भी दे दिया था .उनके इस बयान ने ना केवल बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं को हैरान किया, बल्कि पूरे प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है.दरअसल, हाल ही में अरविंद पांडे के पुत्र अतुल पांडे पर जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के जरिए हड़पने के गंभीर आरोप लगे हैं. यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अरविंद पांडे ने खुद सामने आकर पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि जब तक उनके और उनके परिवार पर इस तरह के आरोप लगे हुए हैं, तब तक वे खुद को ‘अपराधी’ मानते हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके दामन पर लगे इन आरोपों का सच सामने आना बेहद जरूरी है. अरविंद पांडे ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की जांच आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से कराई जाए.साथ ही किसी भी प्रकार की जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं और पीछे हटने वाले नहीं हैं.वही अब विपक्ष के हाथ लगे और वायरल लेटर बम ने कई सवालों और भाजपा पर लगे आरोप के अनुसार प्रश्न चिह्न खड़ा कर दिया है. बरहाल देखना होगा क्या इस मामले पर सरकार कोई उच्च स्तर की जांच करेगी या विपक्ष ऐसे ही भाजपा सरकार को अपने सवालों में घेरता रहेगा।

  

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