डिजिटल डेस्क- गुरुग्राम के पॉश इलाके पालम विहार (सेक्टर-23) में बीते 4 जून की सुबह तड़के एक बेहद खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। चार नकाबपोश डकैत हथियारों से लैस होकर एक रिटायर्ड कर्नल के घर में दाखिल हुए। बदमाशों ने घर के पिछले हिस्से में लगी लोहे की मजबूत ग्रिल को कटर से काटा और अंदर घुस गए। घर में प्रवेश करते ही उन्होंने कर्नल के परिवार की महिलाओं को गनपॉइंट पर ले लिया और उनके हाथ-पैर बांधकर एक कमरे में बंधक बना दिया। इसके बाद बदमाशों ने पूरे घर में जमकर लूटपाट की और अलमारियों में रखे सोने, चांदी व हीरे के कीमती आभूषण और भारी नकदी समेटकर फरार हो गए। जाते समय उन्होंने परिवार को पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
दिल्ली के संगम विहार में दबिश और फिल्मी एनकाउंटर
कर्नल के परिवार की शिकायत पर पालम विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी। क्राइम ब्रांच ने जब सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला, तो बदमाशों का सुराग दिल्ली के संगम विहार इलाके में मिला। गुरुग्राम पुलिस ने जब दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर संगम विहार में डकैतों के ठिकाने पर दबिश दी, तो पुलिस को देखते ही चारों बदमाश बदहवास होकर भागने लगे। खुद को चारों तरफ से घिरता देख अपराधियों ने पकड़े जाने के डर से एक गहरे अंडरपास में छलांग लगा दी।
ऊंचाई से कूदने पर चारों बदमाशों की टूटी हड्डियां
अंडरपास की ऊंचाई अधिक होने के कारण चारों बदमाश नीचे गिरते ही गंभीर रूप से चोटिल हो गए और उनकी हड्डियां टूट गईं। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी खैरुल उर्फ अरमान के दोनों पैरों की हड्डियां टूट गईं, जबकि हिलाल और मामन के एक-एक पैर में गंभीर फ्रैक्चर आया है। वहीं चौथे आरोपी मामो खान के हाथ की हड्डी टूट गई। पुलिस ने चारों को लहूलुहान हालत में हिरासत में लेकर तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, जहां कड़े पहरे के बीच उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस इन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी।
‘क्राइम टूरिज्म’ चलाने वाले अंतरराष्ट्रीय बांग्लादेशी गैंग का खुलासा
पुलिस की प्राथमिक जांच और पूछताछ में जो खुलासा हुआ है, उसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। पकड़े गए ये चारों अपराधी मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले हैं और इनका एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय गिरोह है। ये बदमाश अवैध तरीके से भारत की सीमा में घुसपैठ करते थे और दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के अमीर इलाकों में रेकी कर डकैती डालते थे। वारदात को अंजाम देने के बाद ये गिरफ्तारी से बचने के लिए वापस बांग्लादेश भाग जाते थे। इस खतरनाक गैंग के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में हत्या, लूट, डकैती और चोरी के कुल 24 संगीन मामले पहले से ही दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस इनसे कड़ाई से पूछताछ कर इनके भारतीय मददगारों और लूटे गए माल की बरामदगी के प्रयास कर रही है।