उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट , उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. यही कारण है कि चुनावी वर्ष होने के कारण राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं के प्रदेश दौरे भी लगातार हो रहे हैं. जहाँ अब तक भाजपा के तमाम केंद्रीय नेताओं ने आकर कमान संभालने का काम किया वही कांग्रेस भी ऐसे में पीछे हटती नज़र नही आ रही है. प्रदेश प्रभारी के लगातार दौरे के बाद राष्ट्रीय महासचिव वेणुगोपाल और बीते दिन शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी देहरादून पहुंचे.उनके इस दौरे ने संगठन को धार देने का काम किया.आपको बता दे, कि दोपहर करीब ढाई बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने के बाद राहुल गांधी सबसे पहले दिवंगत कांग्रेस नेता अमर मेहता के आवास गए, वहां उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर परिजनों को सांत्वना दी.इसके बाद एक निजी होटल में उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक की और संगठन को मजबूती देने पर चर्चा की.शाम को रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल ग्राउंड में छात्रों की गूंज कार्यक्रम का आयोजन किया गया. येलो अलर्ट के बीच भारी बारिश और तेज हवा के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान कार्यक्रम में राहुल गांधी ने करीब एक घंटे तक युवाओं से संवाद किया. उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात की. राहुल गांधी का कहना था कि परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए, न कि निजी कंपनियों को.प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी के इस दौरे को आगामी चुनावों के लिए युवाओं को जोड़ने की बड़ी पहल बताया जा रहा है,तो वहीं भाजपा का मानना है कि उत्तराखंड का युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ है और यह भाजपा सरकार ही है जो युवाओं के हित में लगातार योजनाएं चला रही है. जिसके चलते आरोप प्रत्यारोप भी होते दिखाई दे रहे है.
राहुल के कार्यक्रम के दौरान अभ्यर्थियों ने पेपर लीक का दर्द साझा किया. नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाली देहरादून की रिया थापा के पिता मंच पर भावुक होते दिखाई दिये, जिसके चलते राहुल गांधी ने उन्हें ढांढस बंधाया और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई. छात्रों ने भी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग रखी. युवाओं का कहना था कि डिग्री के बाद भी रोजगार नहीं मिल रहा है.कार्यक्रम के बाद छात्रों व युवाओं का भी यही मानना था कि राजनितिक चर्चा को छोड़ राहुल गांधी ने शिक्षा और रोजगार जैसे असल मुद्दे उठाकर उन्हें नई उम्मीद दी है.वही अन्य विपक्षी दलों ने राहुल का समर्थन किया तो भाजपा ने राहुल के दौरे को राजनीतिक दौरे के साथ युवाओ को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगा है
ऐसा नहीं है कि युवाओं को साधने के लिए केवल कांग्रेस ही जोर दिखा रही हो, सत्ताधारी भाजपा भी मैदान को खाली छोड़ने के मूड में नहीं है और पेपर लीक के मामले आने के बावजूद भी युवाओं को साधने की कोशिश में जुटी हुई है. स्थिति यह है कि एक तरफ राहुल गांधी ने देहरादून में युवाओं के साथ संवाद किया है तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ने उसी दिन देहरादून जिले में ही युवाओं के साथ संवाद करते हुए यह बताने की कोशिश की है कि युवा आज भी भाजपा के साथ ही हैं. उधर सरकार के युवाओं से जुड़े कार्यक्रम लगातार बढ़ रहे हैं.कुल मिलाकर, प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी के इस दौरे को आगामी चुनावों के लिए युवाओं को जोड़ने की बड़ी पहल बताया जा रहा है, तो वहीं भाजपा का मानना है कि उत्तराखंड का युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ है और यह भाजपा सरकार ही है जो युवाओं के हित में लगातार योजनाएं चला रही है. जिसके चलते आरोप प्रत्यारोप भी होते दिखाई दे रहे है.