उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है, सभी दल तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, वही मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। भाजपा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और सरकार की उपलब्धियों को घर घर पहुंचाने में जुटी है, तो कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी और हालही में शुद्धिकरण जैसे मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरने की रणनीति बना रही है। चुनावी साल होने से शुरू से ही दोनों दलों में कड़ी टक्कर दिख रही है। देखा जाये तो चुनावी साल की शुरुआत में भाजपा के शीर्ष नेताओं ने दौरा कर उपलब्धियां गिनाईं, तो साल के मध्य में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं ने आकर सरकार की कमियां गिनाईं। वही अब एक बार फिर दोनों दलों के दिग्गजों का प्रदेश दौरा होने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन इसी माह दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आएंगे और कार्यकारिणी बैठक लेंगे, ताकि संगठन को और मजबूत किया जा सके। वहीं सूत्रों के हवाले से ज्ञात हुआ है. कि कांग्रेस की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का दौरा प्रस्तावित है. और इसके अलावा कई अन्य बड़े चेहरे भी अगले कुछ हफ्तों या महीनों में प्रदेश आ सकते हैं। गौरतलब है कि हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई थी,जो अभी तक थमी नहीं है। ऐसे में दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के नए दौरों से प्रदेश की सियासत में क्या नया मोड़ आता है. यह देखना दिलचस्प होगा। वही इन तैयारियों और शीर्ष नेताओं के दौरों को लेकर राजनितिक दलों के आपसी बयानबाज़ी और दावे भी देखने व सुनने को मिलने लगे है।
उत्तराखंड में चुनावी बिगुल बजने से पहले ही सियासी पारा चढ़ने लगा है और सभी राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी कमर कस ली है। चुनावी साल के शुरुआत से ही प्रदेश में राष्ट्रीय दलों के शीर्ष नेताओं के दौरों ने अपनी अपनी पार्टी की पीठ थपथपाने का काम किया। वही एक बार फिर चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए भाजपा और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का प्रदेश दौरा होने जा रहा है। आगामी 9 व 10 सितम्बर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन संगठन की हालही में बनी सम्पूर्ण कार्यकारिणी समिति की बैठक लेने के लिए प्रदेश के कुमाऊं मंडल पहुंच रहे है। वही सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी का भी अगले माह प्रस्तावित प्रदेश दौरा माना जा रहा है. जिसकी चर्चा तेज़ हैं। वही बीते दिनों कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे खड़गे के दौरे के बाद सियासी बयानबाजी अभी थमी भी नहीं, ऐसे में इन दौरों से प्रदेश की सियासत में नया चर्चा का विषय आना भी तय है। जिसके चलते अभी से शीर्ष नेताओं के दौरों की तैयारियों के बीच राजनीति भी जमकर देखी जा रही है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड की सियासत में अब असली घमासान शुरू होने वाला है। भाजपा संगठन को मजबूत कर डबल इंजन की उपलब्धियों के सहारे जनता के बीच जाना चाहती है, तो कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी सहित हालही में शुद्धिकरण जैसे मामले को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। बीते दिनों कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के दौरे के बाद जिस तरह जुबानी जंग तेज हुई, उससे साफ है, कि आने वाले दिनों में बयानबाजी और तीखी होगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दौरा जहां संगठन में नई ऊर्जा फूंकेगा, वहीं राहुल और प्रियंका गांधी के दौरे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश आने की उम्मीद है। देखना यह होगा कि दिग्गजों के इन दौरों से प्रदेश की सियासत में कौन सा दल बाजी मारता है. और जनता किसको जीत का ताज़ पहनाने का काम करती हैं।