राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल को पदस्थापन की प्रतीक्षा (APO) में रख दिया है। परिवार द्वारा ढाई साल में 6.16 करोड़ रुपये में 40 विला-कॉटेज खरीदने और फिर उसी कंपनी को सालाना 1.80 करोड़ रुपये की लीज पर देने का मामला सामने आया है।
Knews Desk– राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी और अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल के खिलाफ बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। कार्मिक विभाग ने बुधवार देर रात आदेश जारी कर उन्हें तत्काल प्रभाव से APO कर दिया। यह कार्रवाई उनके परिवार द्वारा एक ही कंपनी से 40 विला और कॉटेज खरीदने तथा उन्हें उसी कंपनी को लीज पर देने से जुड़ा मामला सामने आने के बाद हुई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिखर अग्रवाल, उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर, दोनों बेटों और सास-ससुर के नाम पर गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से ये संपत्तियां खरीदी गईं। इनमें अलवर जिले के अजबगढ़ स्थित रिसॉर्ट के 20 विला और उदयपुर के बुझड़ा में 20 कॉटेज शामिल हैं। इनकी कुल खरीद कीमत 6 करोड़ 16.5 लाख रुपये बताई गई है।
संपत्तियां खरीदने के बाद परिवार ने इन्हें उसी कंपनी को लीज पर दे दिया। उदयपुर के 20 कॉटेज चार लाख रुपये प्रति कॉटेज और अलवर के 20 विला पांच लाख रुपये प्रति विला की सालाना दर से लीज पर दिए गए। इस तरह परिवार को हर साल कुल 1.80 करोड़ रुपये की लीज राशि मिलने की बात सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, 7 जनवरी 2026 को दाखिल अचल संपत्ति विवरण में शिखर अग्रवाल ने 14 संपत्तियों का उल्लेख किया था, जबकि 8 जनवरी को प्रशाखा माथुर के IPR में संपत्ति संबंधी जानकारी शून्य बताई गई थी। अब इन विवरणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। APO होने से पहले शिखर अग्रवाल उद्योग, MSME, RIICO और निवेश संवर्धन ब्यूरो सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। सरकार ने आदेश में प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया है।