उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का दूसरा चरण बारिश कम होने के बाद 15 सितंबर से फिर शुरू हो गया है. मानसून सीजन के दौरान चारधाम यात्रा रुक रुक के चल रही थी, लेकिन बारिश कम होने के बाद यात्रा फिर से नियमित रूप से शुरू हो गई है. बद्रीनाथ ,केदारनाथ, गंगोत्री ,यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में फिर से तीर्थ यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. 19 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक 50 लाख 56 हजार 160 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं. वहीं केदारनाथ हेली सेवा के पहले चरण में सभी टिकटों की बुकिंग फुल हो गई है.ऐसे में दिल्ली दौरे पर गए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चारधाम यात्रा-2026 के व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान सीएम ने यात्रा से जुड़े जिलों के जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों, यातायात, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली. साथ ही उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.आपको बता दे,उत्तराखंड में 15 सितंबर से एक बार फिर से चार धाम यात्रा का दूसरा चरण शुरू हो गया है. यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है. इसके लिए ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी मौजूद हैं. यात्रा को लेकर सरकार ने सभी पुख्ता तैयारी कर ली है.अभी तक प्रथम चरण में रही चार धाम यात्रा को लेकर विपक्ष ने सरकार की व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किये है.
चार धाम में से प्रमुख धाम केदारनाथ धाम की हेली सेवा का भी दूसरा चरण शुरू हो गया है. इसके लिए करीब 8,900 टिकटों की बुकिंग हुई, जो शाम 7 बजे तक पूरी तरह बुक हो गए. 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक की हेली सेवा के लिए टिकटों की बुकिंग 22 सितंबर से शुरू होगी.19 अप्रैल से शुरू हुई चार धाम यात्रा के दौरान अब तक बद्रीनाथ में 17,36,619,केदारनाथ में 14,98,544,गंगोत्री में 7,89,773,यमुनोत्री में 7,08,407,हेमकुंड में 3,22,817 में श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. यात्रा का दूसरा चरण शुरू हो गया है. राज्य सरकार, जिला प्रशासन, बीकेटीसी ने तीर्थयात्रियों के सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन के लिए व्यवस्थाएं की गई है.वही राज्य सरकार इस बार चार धाम यात्रा के सभी रिकॉर्ड तोड़ने का दावा कर रही है. लेकिन विपक्ष अब तक चली आव्यवस्थाओ को लेकर आकड़ो पर यात्रा के साथ हो रही श्र्धलुओ की परेशानियों को उजागर करता नजर आ रहा है.
चारधाम यात्रा में से केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए है. सीएम ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था रखने व घोड़े-खच्चरों की लीद का समुचित निस्तारण सुनिश्चित करने को भी कहा.साथ ही श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने मोबाइल नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में आपातकालीन संचार व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों व दूरसंचार कंपनियों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने यात्रा मार्गों पर पर्याप्त शौचालय, पेयजल, विद्युत, प्रकाश व शटल सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने और शौचालयों की नियमित सफाई और औचक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए.सवाल यह है अगर सरकार हर बार चार धाम की बेहतर तैयारियों का दावा करती है. तो विपक्षी दल व्यवस्था को लेकर सरकार की पोल क्यों खुलते है.अगर सब बेहतर है तो सवाल आखिर क्यों।