सपा सांसद जावेद अली का विवादित बयान, बोले- बहुसंख्यक समाज जहरीला हो गया

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानों का तीर चल गया है, जिससे सूबे का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद जावेद अली खान ने मुरादाबाद में आयोजित पार्टी के पीडीए (PDA) सम्मेलन में एक बेहद विवादित बयान दिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी द्वारा फैलाए गए कथित नैरेटिव और जहर का असर देश के बहुसंख्यक समाज पर पड़ा है, जिसके कारण बहुसंख्यक समाज काफी हद तक जहरीला हो गया है और अब वह जहर उगलने लगा है।

‘हिंदू बहुसंख्यक क्षेत्रों में सपा कार्यकर्ताओं को करनी होगी ज्यादा मेहनत’

सांसद जावेद अली खान ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संभल जैसे सपा के मजबूत गढ़ों और मुस्लिम बहुल इलाकों में लोगों को अपनी बात समझाना बेहद आसान है, लेकिन अब पार्टी को उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करना होगा जहां अल्पसंख्यक आबादी कम और हिंदू आबादी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की नीतियों और बयानों ने उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में एक ऐसा माहौल तैयार कर दिया है जिससे विभिन्न समुदायों के बीच का पुराना आपसी विश्वास, भरोसा और भाईचारा कमजोर हुआ है। सपा अब इसी खाई को पाटने के लिए नई रणनीति बना रही है और इसके लिए कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर कड़ी मेहनत करनी होगी।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने जताई कड़ी आपत्ति: ‘शब्दावली बेहद गलत’

सपा सांसद के इस तीखे बयान पर इंडिया गठबंधन में शामिल कांग्रेस ने भी तुरंत दूरी बना ली और इसकी आलोचना की। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस बयान को पूरी तरह गलत करार देते हुए कहा, “यह बेहद गलत शब्दावली है। अगर इस देश का बहुसंख्यक समाज सेक्युलर (पंथनिरपेक्ष) न हो, तो देश का पूरा सामाजिक ताना-बाना ही बिगड़ जाएगा। कुछ लोगों की गलतियों या विचारधारा की वजह से आप पूरे समाज के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं कर सकते। यह पूरी तरह गलत बात है।”

मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी का करारा पलटवार: ‘2027 में मुस्लिम ही पकड़ेंगे सपा का गिरेबान’

सपा सांसद के दावों पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने भी तीखा पलटवार किया। उन्होंने इसे पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि देश में कहीं भी कोई डर या खौफ का माहौल नहीं है। 1947 के बाद से देश का हर नागरिक, चाहे वह हिंदू हो या मुसलमान, पूरी आजादी के साथ अपनी जिंदगी जी रहा है और अपने धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन कर रहा है। मौलाना रिजवी ने सपा को चेतावनी देते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी को सबसे ज्यादा मुश्किल 2027 के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ही आने वाली है। पिछले कुछ समय में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुसलमानों के प्रति जो रवैया और नीतियां अपनाई हैं, उसका जवाब उन्हें देना होगा। 2027 में मुसलमान सपा के प्रत्याशियों का गिरेबान पकड़कर पूछेंगे कि ज्ञानवापी मस्जिद, मथुरा शाही ईदगाह और बाबरी मस्जिद के मुद्दों पर पार्टी क्यों खामोश रही? जब आजम खान और एक दर्जन से ज्यादा मुस्लिम नेता जेल गए, तब सपा ने चुप्पी क्यों साधी?” इस तीखी बयानबाजी के बाद अब उत्तर प्रदेश में सपा और विपक्षी दलों के बीच जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।

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