पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र की पत्नी सत्यवती मिश्र का निधन, नोएडा के अस्पताल में ली अंतिम सांस

Former Governor Kalraj Mishra Wife Death: राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र की पत्नी सत्यवती मिश्र का 79 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. फेफड़ों में संक्रमण के चलते नोएडा के मेट्रो अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था.

Knews Desk- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राजस्थान व हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र की पत्नी सत्यवती मिश्र का शनिवार देर रात निधन हो गया. उन्होंने नोएडा के मेट्रो अस्पताल में करीब रात 1 बजे अंतिम सांस ली. वह पिछले लगभग एक सप्ताह से फेफड़ों में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती थीं. उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई.

सत्यवती मिश्र के निधन की जानकारी अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की. उन्होंने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र की पत्नी अब हमारे बीच नहीं रहीं. उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.

सत्यवती मिश्र की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक शुक्रवार को मेट्रो अस्पताल पहुंचे थे. उन्होंने डॉक्टरों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी. हालांकि, चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका.

1963 में हुई थी शादी, पीछे छोड़ा पूरा परिवार

सत्यवती मिश्र और कलराज मिश्र का विवाह वर्ष 1963 में हुआ था. दोनों ने छह दशक से अधिक समय तक एक-दूसरे का साथ निभाया. सत्यवती मिश्र अपने पीछे पति कलराज मिश्र, दो बेटों और एक बेटी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं. उनके निधन से परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों में शोक का माहौल है. अंतिम संस्कार और अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों की जानकारी परिजनों की ओर से साझा की जाएगी.

करीब सात दशक का रहा राजनीतिक सफर

कलराज मिश्र का राजनीतिक जीवन करीब सात दशक लंबा रहा है. 1 जुलाई 1941 को गाजीपुर के मलिकपुर गांव में जन्मे कलराज मिश्र ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जरिए सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की. वह तीन बार राज्यसभा सदस्य रहे.

2014 में उन्होंने देवरिया लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद जुलाई 2019 में उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया. सितंबर 2019 से जुलाई 2024 तक उन्होंने राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कार्य किया.

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