डिजिटल डेस्क- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक बेहद हमलावर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया। लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “हर दुख से बड़ा दुख अपने बच्चे को खोने का होता है। अगर समय पर सभी सुविधाएं मौजूद होतीं और दीवार समय पर काट दी गई होती, तो मासूमों की जान बचाई जा सकती थी। लेकिन फायर ब्रिगेड और सरकार सोती रही।” सरकार के मंत्रियों पर तंज कसते हुए सपा चीफ ने कहा, “जो लोग पीड़ित परिवारों के सामने दिखावटी आंसू रो रहे थे, उनका खेल यह है कि कैमरा ऑन होते ही आंसू आ जाते हैं और कैमरा बंद होते ही आंसू गायब। जो सरकार अकबरनगर के हजारों लोगों को हटा सकती है, वो पिछले 10-11 साल से सत्ता में रहकर क्या कर रही थी? लेवाना होटल में आग लगी तब कहा था कि 24 घंटे में बुलडोजर चलेगा, लेकिन वो इनका अपना होटल था इसलिए बुलडोजर नहीं चला।” उन्होंने मांग की कि सरकार पीड़ित परिवारों को कम से कम 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता या सरकारी नौकरी दे।
अयोध्या में जो हुआ वो ‘महापाप’, SIT का मतलब ‘Share In Theft’
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने सरकार को बुरी तरह घेरा। उन्होंने कहा, “अयोध्या में जो हुआ वो महापाप है, लोगों की आस्था के साथ ऐसा खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर से जो चढ़ावा आया, उस पर और सनातनी परंपराओं पर प्रश्नचिन्ह लग गए हैं।” मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी (SIT) पर तीखा तंज कसते हुए अखिलेश ने इसका नया नामकरण कर दिया और कहा, “SIT का मतलब अब ‘Share In Theft’ (चोरी में हिस्सेदारी) बन चुका है।”
“ये लोग डोसा खाने बेंगलुरु जा रहे हैं, यूपी में इन्वेस्टमेंट कहाँ है?”
प्रदेश में निवेश (Investment) और विकास के दावों की हवा निकालते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा, “ये लोग सिर्फ जंगल को खत्म करने वाले लोग हैं। इन्वेस्टमेंट के नाम पर ये बेंगलुरु डोसा खाने जा रहे हैं। लाखों एकड़ जमीनें न जाने किसको दी जा रही हैं। अगर वाकई इन्वेस्टमेंट आया होता तो क्या आज नौजवानों के पास नौकरी और रोजगार नहीं होता?” उन्होंने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि केजीएमयू (KGMU) की जो नई बिल्डिंग बन रही है, उसमें सरिया कम लगाया जा रहा है और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की री-कारपेटिंग में मंत्री और सरकार ने मिलकर बड़ा घोटाला किया है और उसकी क्वालिटी खराब कर दी।
आदिवासियों को ‘A’ फॉर आदिवासी कहकर साधा, सोने की प्रतिमा का वादा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने सामाजिक न्याय और बहुजन समाज के सम्मान की बात भी पुरजोर तरीके से उठाई। वीरांगना महारानी दुर्गावती को याद करते हुए उन्होंने कहा, “प्रशासनिक दृष्टि से उनके जितनी बहादुर कोई महिला नहीं थी। आने वाले समय में हमारी सरकार महारानी दुर्गावती की सोने की प्रतिमा लगाने का काम करेगी। वैसे भी अखबार में पढ़ा है कि अब भारत में सोना मिलने वाला है, तो हमारी रुचि भी सोने में बढ़ गई है।” उन्होंने ‘A’ से आदिवासी भाई-बहनों को जोड़ते हुए वादा किया कि आबादी के हिसाब से सबको हक और सम्मान मिलेगा। अब आदिवासियों को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बिचौलियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि अधिकारी खुद उनके घर जाकर प्रमाण पत्र बनाएंगे।
“इनका एक ही धर्म है— भ्रष्टाचार”
बीजेपी पर नकारात्मक राजनीति का आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “इन्हें नौजवानों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है, ये सिर्फ चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। जो लोग प्रधानी का चुनाव नहीं करा पा रहे, वो नवंबर में चुनाव क्या कराएंगे? ये किसानों को डीएपी (DAP) खाद तक मुहैया नहीं करा पा रहे हैं। जो लोग धोखा देकर और भ्रष्टाचार करते हुए आए हैं, वो इसी भ्रष्टाचार के कारण सरकार से बाहर जाएंगे, क्योंकि इनका एक ही धर्म है— भ्रष्टाचार।”