मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव साझा आस्था और संस्कृति के जरिए समाज को जोड़ने का संदेश देता है। उन्होंने वर्ष 2017 से शुरू हुए दीपोत्सव को रामनगरी की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने वाला आयोजन बताया।
Knews Desk – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के दीपोत्सव को सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि जाति की जड़ता समाज को बांटती है, जबकि साझा आस्था और संस्कृति लोगों को एक सूत्र में पिरोती है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि श्री अयोध्या जी का दीपोत्सव सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण है।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, दीपोत्सव का आयोजन केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज को प्रेरक संदेश भी दिया जाता है। उन्होंने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर जातीय विभाजन को राजनीति का आधार बनाने और समाज को जोड़ने वाली सांस्कृतिक शक्ति की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने वर्ष 2017 में दीपोत्सव की शुरुआत कर इस सोच को बदला और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन के उत्सव में बदल दिया।
दीपोत्सव में सभी वर्गों की भागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव में संतों, धर्माचार्यों, विद्यार्थियों, स्वच्छताकर्मियों, कुम्हारों और व्यापारियों सहित विभिन्न वर्गों के लोग समान उत्साह और श्रद्धा के साथ हिस्सा लेते हैं। उनके अनुसार, इस आयोजन में लोगों की पहचान जाति से नहीं, बल्कि उनकी सहभागिता से होती है।
योगी आदित्यनाथ ने दीपक के प्रकाश को सामाजिक एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि दीप अलग-अलग हाथों में जलते हैं, लेकिन उनका प्रकाश पूरे समाज को एक करता है। उन्होंने कहा कि यही दीपोत्सव का संदेश और समरस समाज की संकल्पना है। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को अयोध्या की सांस्कृतिक परंपरा और साझा आस्था से जोड़ते हुए सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने वाला बताया।