पठानकोट में रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर हमले की कोशिश का आरोप, AAP कार्यकर्ताओं पर लगाया आरोप

बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में शामिल होने जा रहे उनके काफिले को पठानकोट में रोककर हमला करने की कोशिश की गई। उन्होंने इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

Knews Desk- बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के पठानकोट में अपने काफिले पर हमले की कोशिश का आरोप लगाया है। बिट्टू के मुताबिक, वह बीजेपी की ओर से आयोजित ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ की शुरुआत के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान उनके काफिले को कथित तौर पर AAP कार्यकर्ताओं ने निशाना बनाने की कोशिश की।

रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि मौके पर 100 से अधिक आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद थे और उन्होंने उनके काफिले पर हमला करने का प्रयास किया। उन्होंने पंजाब पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी पूरे घटनाक्रम के दौरान मूकदर्शक बने रहे।

बिट्टू ने अपने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर कथित घटना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कुछ लोगों को AAP का कार्यकर्ता बताते हुए उन्हें पकड़ने का दावा भी किया। साथ ही उन्होंने काफिले में शामिल स्कॉर्ट वाहनों पर बने कथित निशान भी कैमरे पर दिखाए।

बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ की शुरुआत पठानकोट से की जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों यात्रा को हरी झंडी दिखाने वाले हैं। पार्टी के अनुसार, अलग-अलग हिस्सों से शुरू होने वाली ये यात्राएं पंजाब के विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगी और 30 सितंबर को जालंधर में समाप्त होंगी। समापन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की बात कही गई है।

रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। वह 2009, 2014 और 2019 में लुधियाना से लोकसभा सांसद चुने गए थे। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। बीजेपी ने उन्हें लुधियाना से उम्मीदवार बनाया, लेकिन उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

इसके बाद बीजेपी ने उन्हें राजस्थान से राज्यसभा भेजा और केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी। हालांकि, जून में हुए राज्यसभा चुनाव में उनका कार्यकाल आगे नहीं बढ़ा और इसके बाद 21 जुलाई को उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और बिट्टू पहले ही राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के संकेत दे चुके हैं।

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