मराठी नहीं जानने वाले ऑटो-टैक्सी चालकों पर शिकंजा, बैज निलंबन से परमिट रद्द होने तक होगी कार्रवाई

महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, ओला और उबर चालकों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन विभाग अब इस नियम को सख्ती से लागू करने जा रहा है। मराठी बोलने में असमर्थ चालकों के खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी।

Knews Desk- महाराष्ट्र में यात्री वाहन चलाने वाले गैर-मराठी चालकों के लिए अब मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान जरूरी होगा। परिवहन विभाग ने नियमों के पालन को लेकर सख्ती शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत ऑटो-रिक्शा, टैक्सी के साथ ओला और उबर जैसे ऐप आधारित कैब चालकों की भी मराठी भाषा की क्षमता जांची जाएगी।

परिवहन विभाग के मुताबिक, जिन चालकों को मराठी का पर्याप्त व्यावहारिक ज्ञान नहीं होगा, उन्हें पहले भाषा सीखने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। इसके बाद भी अगर चालक मराठी सीखने से इनकार करता है, तो उसका बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। लगातार नियमों की अनदेखी करने पर बैज और परमिट रद्द करने की कार्रवाई भी संभव है।

अब नए परमिट या बैज जारी करने से पहले परिवहन अधिकारी चालक से आमने-सामने बातचीत करेंगे। इस दौरान यह देखा जाएगा कि चालक मराठी में सामान्य बातचीत और यात्रियों से संवाद करने में सक्षम है या नहीं। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी किए जाने की बात कही गई है।

परिवहन विभाग का कहना है कि मराठी का व्यावहारिक ज्ञान होने की पुष्टि के बाद ही नया बैज जारी किया जाएगा।

फर्जी दस्तावेजों पर भी नजर

विभाग को ऐसी शिकायतें भी मिली हैं कि कुछ लोग महाराष्ट्र में 15 साल से रहने का कथित फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर ऑटो-रिक्शा और टैक्सी का परमिट या बैज हासिल कर रहे हैं। ऐसे मामलों की जांच पुलिस के जरिए कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इस अभियान की जिम्मेदारी अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ को दी गई है। उन्हें अगले महीने के अंत तक जांच अभियान की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

करीब 9.65 लाख परमिट और बैज जारी

राज्य में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी के करीब 9 लाख 65 हजार परमिट और बैज जारी किए जा चुके हैं। परिवहन विभाग अब भाषा संबंधी नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले चालकों को आगे कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।