KNEWS DESK- गर्मी का मौसम आते ही ठंडे पेय की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में आइस्ड टी और दूध वाली गर्म चाय दोनों ही लोगों की पसंद बनी रहती हैं। एक तरफ GenZ का ट्रेंडिंग ड्रिंक आइस्ड टी है, तो दूसरी तरफ पारंपरिक दूध वाली चाय के दीवाने आज भी कम नहीं हैं। लेकिन सवाल यह है कि सेहत और आयुर्वेद के अनुसार गर्मी में इनमें से कौन बेहतर है।
आइस्ड टी गर्मी में तुरंत राहत देने वाला ट्रेंडी ड्रिंक
आइस्ड टी आज के समय में एक बेहद लोकप्रिय पेय बन चुका है। इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है और यह शरीर को तुरंत ठंडक का एहसास देता है।

आइस्ड टी के फायदे
- यह शरीर को तुरंत ठंडक देकर गर्मी से राहत देती है।
- ग्रीन टी और ब्लैक टी आधारित होने पर इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं।
- यह हाइड्रेशन में मदद कर सकती है क्योंकि इसका आधार पानी होता है।
- अलग-अलग फ्लेवर में उपलब्ध होने के कारण यह स्वाद में भी आकर्षक होती है।
आइस्ड टी पर आयुर्वेद की राय
आयुर्वेद के अनुसार अत्यधिक ठंडे पेय शरीर की पाचन अग्नि को कमजोर कर सकते हैं। आइस्ड टी को लेकर कुछ सावधानियां भी बताई जाती हैं। इसमें मौजूद कैफीन कुछ लोगों में बेचैनी और नींद की समस्या बढ़ा सकता है। अधिक ठंडा पेय पाचन क्रिया को धीमा कर सकता है। कई बार इसमें आर्टिफिशियल स्वीटनर या अधिक चीनी मिलाई जाती है, जो स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है।
दूध वाली गर्म चाय पारंपरिक लेकिन असरदार
भारत में दूध वाली गर्म चाय सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि दिनचर्या का हिस्सा है। गर्मी में भी कई लोग इसे छोड़ नहीं पाते।

गर्म चाय के फायदे
- यह पाचन को सक्रिय करने में मदद कर सकती है।
- इसमें मौजूद अदरक और मसाले शरीर को आराम दे सकते हैं।
- यह मानसिक रूप से सुकून देने वाली मानी जाती है।
- गर्म पेय शरीर के अंदरूनी संतुलन को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
आयुर्वेद क्या कहता है गर्म चाय के बारे में?
आयुर्वेद के अनुसार गुनगुने या हल्के गर्म पेय शरीर के लिए अधिक संतुलित माने जाते हैं।
- यह पाचन तंत्र को सक्रिय रखता है।
- शरीर की “अग्नि” को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है।
- अत्यधिक ठंडे पेय की तुलना में पेट के लिए बेहतर माना जाता है।
हर्बल टी दोनों से बेहतर विकल्प?
आयुर्वेद में हर्बल टी को एक बेहतर विकल्प माना जाता है, खासकर गर्मियों में।

हर्बल टी के फायदे
- इसमें कैफीन नहीं होता, इसलिए यह शरीर पर हल्का असर डालती है।
- अदरक, तुलसी, दालचीनी जैसे औषधीय तत्व पाचन को बेहतर बनाते हैं।
- यह शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देने में मदद कर सकती है।
- एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सपोर्ट करते हैं।
गर्मी में क्या चुनें?
अगर तुरंत ठंडक चाहिए तो आइस्ड टी बेहतर विकल्प हो सकती है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार अधिक ठंडे पेय पाचन पर असर डाल सकते हैं। वहीं गुनगुनी या हल्की गर्म चाय और हर्बल टी को संतुलित और स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है।सही विकल्प हमेशा मात्रा और शरीर की प्रकृति पर निर्भर करता है।