Knews Desk- 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन बिश्केक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अनौपचारिक मुलाकात ने सबका ध्यान खींचा. दोनों नेताओं के बीच हुई इस संक्षिप्त मुलाकात के दौरान गर्मजोशी नजर आई. वहीं, इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के हाव-भाव भी चर्चा का विषय बन गए.
दरअसल, SCO समिट में शामिल होने के लिए 10 देशों के राष्ट्राध्यक्ष बिश्केक पहुंचे हैं. सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी होना है. बैठक शुरू होने से पहले सभी सदस्य देशों के नेताओं ने एक साथ फोटो सेशन में हिस्सा लिया. इसके बाद जब नेता बैठक कक्ष की तरफ बढ़ रहे थे, तभी पीएम मोदी और शी जिनपिंग आमने-सामने आए.
इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत करते हुए आगे बढ़े. यह मुलाकात भले ही औपचारिक द्विपक्षीय बैठक नहीं थी, लेकिन इसकी तस्वीरें और वीडियो चर्चा में आ गए. खास तौर पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के हाव-भाव को लेकर काफी बातें हो रही हैं.
मोदी-जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक की भी संभावना
पीएम मोदी और शी जिनपिंग की इस अनौपचारिक मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. खास बात यह है कि बिश्केक में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की भी संभावना जताई जा रही है. ऐसे में अनौपचारिक मुलाकात को भी कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
SCO समिट के आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से भी मुलाकात की. पीएम मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई, जिसके बाद दोनों नेताओं की कार डिप्लोमेसी चर्चा में रही.
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता की. ईरान में युद्ध के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात बताई गई है.
चीन से नजदीकी के बीच पाकिस्तान की नजर
पाकिस्तान चीन को अपना सबसे करीबी रणनीतिक साझेदार मानता है. ऐसे में मोदी और जिनपिंग के बीच बढ़ती बातचीत को पाकिस्तान के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है. SCO समिट के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पाकिस्तान के भीतर राजनीतिक और सुरक्षा चुनौतियां बनी हुई हैं.
पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में हिंसा और अलगाववाद से जुड़ी आवाजें उठ रही हैं. ऐसे माहौल में भारत और चीन के शीर्ष नेतृत्व के बीच होने वाली बातचीत पर पाकिस्तान की नजर बनी हुई है.