KNEWS DESK- हाल के दिनों में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से चर्चा तेज हो गई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा बंद कर दिया है। हालांकि, ईरान ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा है कि जलमार्ग खुला है और जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ हुए समझौते के बाद तेहरान ने समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से व्यापारिक और ऊर्जा परिवहन गतिविधियां बिना किसी बाधा के जारी हैं।
इससे पहले कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका पर समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। रिपोर्टों में कहा गया था कि जब तक इजराइल लेबनान से पूरी तरह पीछे नहीं हटता, अमेरिकी नौसैनिक प्रतिबंध समाप्त नहीं होते और खाड़ी क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी नहीं होती, तब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रखा जाएगा। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने ऐसे दावों की पुष्टि नहीं की है।
इस बीच, ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने एक नया प्रशासनिक नियम लागू किया है। इसके अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों को 48 घंटे पहले ट्रांजिट अनुरोध जमा करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम समुद्री सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस निर्यात का परिवहन इसी मार्ग से होता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, लेबनान में एक बार फिर संघर्ष तेज होता दिखाई दे रहा है। लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार तड़के इजराइल ने देश के कई शहरों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में कई लोगों के हताहत होने और दर्जनों के घायल होने की सूचना है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद इसे क्षेत्र की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई माना जा रहा है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनकी सेना सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार लेबनान में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी और हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आरोप लगाया कि इजराइल क्षेत्र में तनाव और संघर्ष को लंबा खींचना चाहता है।
इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि ईरानी बंदरगाहों पर लागू पुरानी नौसैनिक नाकाबंदी हटा दी गई है। समुद्री ट्रैकिंग एजेंसियों के अनुसार, समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो क्षेत्र में सामान्य होती गतिविधियों का संकेत माना जा रहा है।