राम मंदिर चढ़ावा विवाद: एसआईटी जांच से सामने आएगा सच, दोषी नहीं बख्शे जाएंगे– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

KNEWS DESK- अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि इस मामले की सच्चाई विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच के बाद सामने आएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

अयोध्या के रुदौली स्थित मां कामाख्या धाम में 378 करोड़ रुपये की लागत वाली 126 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राम भक्तों ने श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों तक इंतजार किया है, इसलिए वे सच्चाई सामने आने के लिए कुछ दिन और धैर्य रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि एसआईटी जल्द ही अपनी जांच पूरी कर वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक करेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर ही इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि जांच पूरी होने तक कोई भी सार्वजनिक बयानबाजी न करे, क्योंकि इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी पक्ष को अपनी बात रखनी है तो उसके लिए उचित आधार उपलब्ध होगा।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़े दस्तावेजी प्रमाण हैं तो उन्हें सीधे एसआईटी को सौंपना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उन तत्वों की बातों में न आएं जो अयोध्या की छवि को नुकसान पहुंचाने और श्रीराम मंदिर की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले राम भक्तों पर गोली चलाने, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने और मंदिर निर्माण की प्रक्रिया में बाधाएं खड़ी करने का काम करते रहे हैं, उन्हें दूसरों को उपदेश देने से बचना चाहिए।

उन्होंने दोहराया कि सरकार निष्पक्ष जांच के पक्ष में है और एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का बिना प्रमाण चरित्र हनन नहीं होना चाहिए और अयोध्या धाम की गरिमा को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

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