KNEWS DESK- अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के चीन दौरे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान ग्लास उठाकर टोस्ट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाने लगा कि ट्रंप ने पहली बार शराब पी और अपने वर्षों पुराने “नो अल्कोहल” नियम को तोड़ दिया। हालांकि अब तक इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल वीडियो में ट्रंप एक औपचारिक समारोह के दौरान अन्य नेताओं के साथ ग्लास उठाते दिखाई देते हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि उन्होंने ड्रिंक का हल्का घूंट लिया, जबकि कई लोगों ने इसे सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता बताया। वीडियो में ट्रंप कुछ सेकंड तक ग्लास को होंठों के पास रखते नजर आते हैं और बाद में ग्लास अपने स्टाफ को दे देते हैं। इसी दृश्य ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और अन्य साइट्स पर कई पोस्ट में दावा किया गया कि चीन ने ट्रंप को ऐसा पेय परोसा जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। कुछ यूजर्स ने इसे चीन की “डिप्लोमैटिक जीत” तक बता दिया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ग्लास में वास्तव में शैंपेन थी या कोई नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक।
ट्रंप लंबे समय से सार्वजनिक रूप से कहते रहे हैं कि उन्होंने कभी शराब नहीं पी। चुनाव प्रचार के दौरान और कई इंटरव्यू में भी उन्होंने इस बात का जिक्र किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके बड़े भाई फ्रेडी ट्रंप की शराब से जुड़ी बीमारी के कारण कम उम्र में मौत हो गई थी, जिसके बाद ट्रंप ने जीवनभर शराब से दूर रहने का फैसला किया।
ट्रंप के पूर्व सलाहकार Bruce LeVell ने भी वायरल दावों को खारिज किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ट्रंप न शराब पीते हैं और न ही ड्रग्स लेते हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
व्हाइट हाउस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं स्वतंत्र रूप से भी यह पुष्टि नहीं हो सकी है कि ट्रंप ने वास्तव में शराब पी थी। ऐसे में वायरल वीडियो को लेकर जारी दावे अभी सिर्फ अटकलों तक सीमित हैं।
यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि लगभग नौ साल बाद किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन की आधिकारिक यात्रा की। ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात के बाद दावा किया कि दोनों देशों के बीच व्यापार, ताइवान, ईरान और वैश्विक मुद्दों पर अहम बातचीत हुई। दूसरी ओर, चीन ने ताइवान को लेकर अमेरिका को सावधानी बरतने की सलाह दी और ईरान मुद्दे पर भी अपनी चिंता जाहिर की।