नौतपा 2026 में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, बढ़ सकता है सूर्य दोष, करियर और सेहत पर पड़ेगा असर

Knews Desk-ज्योतिष शास्त्र में नौतपा का विशेष महत्व माना जाता है. मान्यता है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा की शुरुआत होती है. इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे भीषण गर्मी का असर बढ़ जाता है. धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय बेहद संवेदनशील माना जाता है. साल 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा.

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, नौतपा के दौरान कुछ गलतियां व्यक्ति की कुंडली में सूर्य दोष को बढ़ा सकती हैं. सूर्य को सफलता, आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा, पिता और नेतृत्व क्षमता का कारक माना गया है. ऐसे में इस समय की गई लापरवाही करियर, सेहत और पारिवारिक जीवन पर नकारात्मक असर डाल सकती है.

नौतपा में कौन से काम नहीं करने चाहिए?

1. तामसिक भोजन और नशे से बचें
नौतपा के दौरान मांसाहार, शराब और अन्य नशीली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. माना जाता है कि इससे सूर्य दोष बढ़ता है और नौकरी या व्यापार में रुकावट आने लगती है. साथ ही स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है.

2. लंबी यात्रा करने से बचें
ज्योतिष के अनुसार, इस दौरान लंबी यात्राएं परेशानी और थकान बढ़ा सकती हैं. तेज गर्मी के कारण स्वास्थ्य खराब होने का खतरा भी रहता है. इसलिए जरूरी काम होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है.

3. मांगलिक कार्य न करें


नौतपा के दिनों में शादी, गृह प्रवेश या नया व्यवसाय शुरू करने जैसे मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए. मान्यता है कि इस समय शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं और तनाव बढ़ सकता है.

4. देर तक न सोएं
इस दौरान सुबह जल्दी उठना शुभ माना गया है. स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना लाभकारी माना जाता है. देर तक सोने से सूर्य दोष के नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकते हैं.

5. पिता और बुजुर्गों का अपमान न करें
सूर्य को पिता का कारक ग्रह माना गया है. इसलिए नौतपा के दौरान पिता, गुरु और बुजुर्गों का सम्मान करना बेहद जरूरी माना गया है. उनका अपमान करने से जीवन में संघर्ष और मानसिक तनाव बढ़ सकता है.

नौतपा में क्या करें?

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, नौतपा के दौरान पानी, सत्तू, छाछ, शरबत और मिट्टी के घड़े का दान करना शुभ माना जाता है. इससे सूर्य मजबूत होता है और व्यक्ति को भाग्य का साथ मिलता है. इसके अलावा रोजाना “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने की भी सलाह दी जाती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान सात्विक भोजन, ताजे फल और पर्याप्त पानी का सेवन शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है.

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