KNEWS DESK- अच्छी सेहत के लिए सिर्फ पेट भरना ही काफी नहीं, बल्कि खाने में पोषक तत्वों का सही संतुलन होना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से हर साल 1 से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है। इस दौरान लोगों को संतुलित आहार और बेहतर पोषण के प्रति जागरूक किया जाता है। AIIMS ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ICMR की गाइडलाइंस साझा करते हुए बताया है कि 2000 कैलोरी वाली डाइट में अलग-अलग खाद्य समूहों को किस मात्रा में शामिल किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि शाकाहारी और मांसाहारी लोगों के लिए संतुलित थाली कैसी होनी चाहिए।
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर स्वाद और सुविधा के चक्कर में पोषण को नजरअंदाज कर देते हैं। कभी नाश्ता छोड़ दिया जाता है तो कभी खाने में सब्जियों और फलों की मात्रा कम हो जाती है। लंबे समय तक ऐसा खान-पान शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी का कारण बन सकता है। एक संतुलित डाइट में अनाज, दाल, सब्जियां, फल, दूध या डेयरी उत्पाद, नट्स और बीज जैसी चीजों को उचित मात्रा में शामिल करना जरूरी माना जाता है। वहीं बहुत ज्यादा तेल, फैट और रिफाइंड खाद्य पदार्थों से दूरी रखना बेहतर होता है।
संतुलित थाली में किन चीजों को जगह दें?
एक हेल्दी प्लेट में अलग-अलग फूड ग्रुप का संतुलन होना चाहिए। इसमें मुख्य रूप से शामिल किए जा सकते हैं:
- सब्जियां और हरी पत्तेदार सब्जियां
- फल
- साबुत अनाज और मिलेट्स
- दाल और अन्य प्रोटीन स्रोत
- दूध और दही जैसे डेयरी उत्पाद
- सूखे मेवे और बीज
- सीमित मात्रा में फैट्स और ऑयल्स
इसके अलावा ज्यादा रिफाइंड अनाज और अत्यधिक प्रोसेस्ड या अनहेल्दी खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना चाहिए।
शाकाहारी लोगों की 2000 कैलोरी वाली थाली में क्या हो?
ICMR की बताई मात्रा के अनुसार 2000 कैलोरी की दैनिक डाइट के लिए शाकाहारी व्यक्ति अपनी डाइट में इन खाद्य समूहों को शामिल कर सकता है:
- सीरियल्स और मिलेट्स: करीब 250 ग्राम, जो कुल ऊर्जा का लगभग 42 प्रतिशत हिस्सा है।
- दाल: करीब 85 ग्राम, जिससे लगभग 14 प्रतिशत ऊर्जा मिलती है।
- दूध और दही: करीब 300 एमएल।
- सब्जियां और हरी पत्तेदार सब्जियां: करीब 400 ग्राम।
- फल: करीब 100 ग्राम।
- सूखे मेवे और बीज: करीब 35 ग्राम।
- फैट्स और ऑयल्स: करीब 27 ग्राम।
इस तरह की डाइट में अनाज और मिलेट्स के साथ पर्याप्त मात्रा में दाल, सब्जियां, फल और डेयरी उत्पाद शामिल रहते हैं, जिससे खाने में विविधता बनी रहती है।
नॉन-वेज खाने वालों के लिए कैसी हो डाइट?
मांसाहारी लोगों के लिए भी संतुलित थाली में अनाज, दाल, सब्जियां, फल और डेयरी उत्पादों के साथ चिकन, मीट या अंडे जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। 2000 कैलोरी की डाइट के लिए सुझाई गई मात्रा इस प्रकार है:
- सीरियल्स और मिलेट्स: करीब 260 ग्राम, जो लगभग 45 प्रतिशत ऊर्जा का हिस्सा है।
- दाल: करीब 55 ग्राम।
- चिकन, मीट और अंडे: करीब 70 ग्राम।
- दूध और दही: करीब 300 एमएल।
- सब्जियां और हरी पत्तेदार सब्जियां: करीब 400 ग्राम।
- फल: करीब 100 ग्राम।
- सूखे मेवे और बीज: करीब 30 ग्राम।
- फैट्स और ऑयल्स: करीब 27 ग्राम।
मांसाहारी डाइट में भी सिर्फ प्रोटीन पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। शरीर को फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्वों के लिए सब्जियों, फलों और साबुत अनाज को डाइट में शामिल करना जरूरी है।
सूखे मेवे और बीज भी हैं जरूरी
संतुलित डाइट में नट्स और सीड्स को भी जगह दी गई है। इनमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि इनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि इनमें कैलोरी और फैट की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है। बादाम, अखरोट, काजू, मूंगफली और अलग-अलग तरह के बीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इन्हें स्नैक के तौर पर या खाने में शामिल करके लिया जा सकता है।
हर व्यक्ति के लिए एक जैसी डाइट जरूरी नहीं
यह डाइट पैटर्न स्वस्थ वयस्कों के लिए एक सामान्य सैंपल के तौर पर समझा जाना चाहिए। हर व्यक्ति की उम्र, लिंग, शारीरिक गतिविधि, वजन और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार पोषण की जरूरत अलग हो सकती है। किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों की डाइट अलग हो सकती है। बच्चों और बुजुर्गों की पोषण संबंधी जरूरतें अलग होती हैं। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी अलग पोषण की आवश्यकता हो सकती है। किसी विशेष पोषक तत्व की कमी या अधिकता होने पर डाइट में बदलाव जरूरी हो सकता है। इसलिए किसी बीमारी या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।
यह लेख सामान्य पोषण संबंधी जानकारी पर आधारित है। किसी विशेष बीमारी, एलर्जी या व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति में डाइट तय करने के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें।