झारखंड में गोलगप्पा और छोले-चाट खाने से 18 बच्चे बीमार,एक की मौत

Knews Desk-झारखंड के गिरिडीह जिले से एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां गोलगप्पा और छोले-चाट खाने के बाद 18 बच्चे बीमार पड़ गए और एक बच्चे की मौत हो गई। यह घटना लेडा बजटो गांव में हुई, जहां एक सड़क किनारे ठेले से बच्चों ने यह फास्ट फूड खाया था। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

कैसे बिगड़ी बच्चों की तबीयत

रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों ने रविवार शाम गोलगप्पे और छोले-चाट का सेवन किया था। इसके कुछ ही घंटों बाद कई बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और कमजोरी की शिकायत होने लगी। धीरे-धीरे हालत गंभीर होती गई और 18 से ज्यादा बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चों को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन एक 7 वर्षीय बच्चे को बचाया नहीं जा सका।

18 बच्चे अस्पताल में भर्ती, जांच शुरू

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में फूड पॉइज़निंग की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि खराब या दूषित खाद्य सामग्री, या गंदे पानी के इस्तेमाल की वजह से यह घटना हुई हो सकती है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके से खाने के सैंपल भी लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

4. गर्मी में बढ़ता खतरा: बच्चों के लिए अलर्ट

विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में बाहर का खाना जल्दी खराब हो जाता है, खासकर सड़क किनारे मिलने वाला फास्ट फूड जैसे गोलगप्पे, चाट और छोले। ऐसे खाने में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं, जिससे फूड पॉइज़निंग का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने बच्चों और अभिभावकों को चेतावनी दी है कि वे सड़क किनारे खुले खाने से बचें और साफ-सुथरे भोजन का ही सेवन करें।

5. प्रशासन की अपील और आगे की कार्रवाई

प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इलाके में खाद्य सुरक्षा जांच तेज कर दी है। ठेले वाले की पहचान और उसके खाने की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध खाने का सेवन न करें और बच्चों को भी सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करें। यह घटना एक बार फिर यह चेतावनी देती है कि सड़क किनारे मिलने वाला असुरक्षित भोजन जानलेवा साबित हो सकता है। थोड़ी सी लापरवाही बच्चों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *