KNEWS DESK- पहलगाम आतंकी हमले को एक साल पूरा होने वाला है, लेकिन इस दर्दनाक घटना की यादें आज भी शहीद लेफ्टिनेंट नेवी अधिकारी विनय नरवाल के परिवार के लिए ताज़ा हैं। इस हमले ने न सिर्फ देश को झकझोर दिया था, बल्कि कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी।
यह आतंकी हमला 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुआ था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इन्हीं में विनय नरवाल भी शामिल थे, जो अपनी शादी के महज तीन दिन बाद पत्नी के साथ हनीमून पर गए थे। आतंकियों ने अचानक निहत्थे पर्यटकों पर गोलीबारी कर दी थी, जिसमें विनय की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के एक साल बाद भी उनके पिता राजेश नरवाल का दर्द कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके जीवन का सबसे बड़ा दुख है, जिसे वे कभी भुला नहीं सकते। उन्होंने बताया कि परिवार किसी तरह खुद को संभालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन बेटे की यादें हर दिन उन्हें भावुक कर देती हैं।
राजेश नरवाल ने कहा कि बचपन से ही विनय का अपने दादा-दादी से गहरा लगाव था और परिवार में उसका व्यवहार बेहद मिलनसार था। उन्होंने यह भी बताया कि आज भी उन्हें देश-विदेश से लोग फोन कर हिम्मत देते हैं, जिसके लिए वे सभी का आभार व्यक्त करते हैं।
उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदमों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने घटना के बाद कई महत्वपूर्ण कार्रवाई की, जिनमें ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव जैसे अभियानों का जिक्र किया गया, जिनसे आतंकियों पर कड़ा प्रहार हुआ।
राजेश नरवाल ने यह भी कहा कि समाज को भी आतंकवाद के खिलाफ सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को देनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि करनाल में शहीदों की याद में एक स्मारक बनाया गया है, जहां सभी स्थानीय शहीदों के नाम अंकित हैं। आने वाले दिनों में 1 मई को विनय नरवाल के जन्मदिन पर परिवार की ओर से ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित करने की योजना है।
यह घटना आज भी देश के लिए एक कड़वी याद बनी हुई है, जो सुरक्षा, संवेदनशीलता और आतंकवाद के खिलाफ निरंतर संघर्ष की जरूरत को दर्शाती है।