‘बाहुबली’ के दोस्त होने की वजह से बैंकॉक के अस्पताल में पुरी जगन्नाध को मिला खास ट्रीटमेंट, प्रभास ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

KNEWS DESK – प्रभास की बाहुबली: द बिगिनिंग सिर्फ एक ब्लॉकबस्टर फिल्म नहीं थी, बल्कि यह एक वैश्विक घटना बन गई, जिसने भारतीय सिनेमा को नई पहचान दी और प्रभास को एक निर्विवाद पैन-इंडिया सुपरस्टार के रूप में स्थापित कर दिया। एस. एस. राजामौली के निर्देशन में बनी इस फिल्म की लोकप्रियता भारत की सीमाओं से कहीं आगे तक पहुंची और दुनिया भर के दर्शकों का दिल जीत लिया। इस वैश्विक प्रभाव को करीब से देखने वालों में मशहूर निर्देशक पुरी जगन्नाध भी शामिल हैं। बाहुबली: द टॉर्चबेयरर में इस घटना को याद करते हुए प्रभास ने बताया कि सिर्फ “बाहुबली के दोस्त” के रूप में पहचाने जाने पर पुरी जगन्नाध को बैंकॉक के एक अस्पताल में विशेष ट्रीटमेंट मिला।

इस बारे में प्रभास ने कहा, ” बाहुबली 1 ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। बाहुबली 2 की शूटिंग शुरू हुए करीब छह महीने हो चुके थे और हम रामोजी फिल्म सिटी में शूट कर रहे थे। तभी पुरी जगन्नाध का मुझे बैंकॉक से फोन आया। उन्हें हल्का-सा इंफेक्शन हो गया था और वह अस्पताल में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। तभी एक नर्स ने उनसे पूछा कि क्या वे भारत से हैं। जब उन्होंने ‘हां’ कहा, तो नर्स ने तुरंत पूछा, ‘बाहुबली?'”

उन्होंने आगे कहा, “पुरी हैरान रह गए और उन्होंने पूछा कि क्या उसने फिल्म देखी है। नर्स ने बताया कि वहां लगभग सभी लोगों ने फिल्म देखी है और डॉक्टर भी इसके बड़े फैन हैं। तब पुरी ने हमारी साथ वाली एक तस्वीर दिखाई और बताया कि वह मेरे दोस्त हैं। नर्स तुरंत वह तस्वीर डॉक्टर के पास ले गई और बोली, ‘ये बाहुबली के दोस्त हैं!’ इसके बाद उनका इंतजार खत्म कर उन्हें तुरंत इलाज के लिए अंदर बुला लिया गया।”

सुपरस्टार ने आगे बताया कि इस घटना के बाद पुरी जगन्नाध ने उन्हें तुरंत एक वॉइस मैसेज भेजकर पूरी कहानी सुनाई। उस समय प्रभास निर्देशक एस. एस. राजामौली और निर्माता रमा राजामौली के साथ सेट पर मौजूद थे। पुरी का अनुभव सुनकर पूरी टीम हैरान रह गई कि बाहुबली की लोकप्रियता बैंकॉक तक पहुंच चुकी थी।

प्रभास ने याद करते हुए कहा, “उन्होंने मुझे वॉइस मैसेज भेजा। उस समय राजामौली सर और रमा मैम भी सेट पर थे। हमें जापान में फिल्म की लोकप्रियता के बारे में पता था, लेकिन बैंकॉक तक इसकी पहुंच का यह पहला किस्सा था जो मैंने सुना। सिर्फ बाहुबली का दोस्त होने की वजह से उन्हें इतना खास ट्रीटमेंट मिला। यह वाकई कमाल का पल था। मुझे आज भी शूटिंग के दौरान की वह घटना याद है।”

रिलीज के एक दशक बाद भी बाहुबली की विरासत आज भी बेमिसाल है। यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे ऐतिहासिक फिल्मों में गिनी जाती है और प्रभास आज भी इसकी सबसे बड़ी पहचान बने हुए हैं। समय के साथ उनकी लोकप्रियता और स्टारडम लगातार बढ़ता ही गया है। ऐसे कई किस्से इस बात का प्रमाण हैं कि प्रभास की वैश्विक लोकप्रियता कितनी व्यापक है और दुनिया भर में उन्हें दर्शकों का कितना अपार प्यार मिलता है।

वर्क फ्रंट की बात करें तो प्रभास के पास भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित फिल्मों की शानदार लाइन-अप है। वह जल्द ही फौजी, स्पिरिट, कल्कि 2, सालार 2 और राजा साब 2 जैसी फिल्मों में नजर आएंगे।

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