मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में किया ऐलान, TDPL एजेंसी से कराई गई परीक्षा की जांच के भी दिए संकेत
Knews Desk- झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा ऐलान किया है. विधानसभा के मानसून सत्र में सीएम ने कहा कि 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रारंभिक परीक्षा (PT) रद्द की जाएगी. इसके अलावा दो बैकलॉग JPSC परीक्षाओं को भी निरस्त करने की घोषणा की गई है.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि TDPL एजेंसी के जरिए कराई गई परीक्षा की जांच कराई जाएगी. छात्रों के लगातार विरोध और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार के इस फैसले को अहम माना जा रहा है.
हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर ‘स्टूडेंट्स वॉइस विद स्टूडेंट्स’ अभियान की भी जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत अब तक झारखंड के 8,500 से अधिक युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अपने सुझाव दिए हैं.
इन सुझावों में OMR शीट, परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल जैसे मुद्दे शामिल हैं. साथ ही JPSC और अन्य आयोगों की कार्यप्रणाली में संवैधानिक दायरे के तहत सुधार की मांग भी सामने आई है.
छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार का फैसला
झारखंड में पिछले कई दिनों से छात्र JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए आंदोलन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी छात्र JPSC परीक्षा को रद्द करने के साथ ही पूरे मामले की CBI जांच, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल समस्याओं पर चर्चा करना नहीं, बल्कि ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है जो युवाओं के लिए पारदर्शी, निष्पक्ष, सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह हो. सरकार ने इस प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया है.