PSC परीक्षा की जांच शुरू, फिर भी LPST रैंक होल्डर्स की नियुक्ति पर सस्पेंस बरकरार, 34वें दिन भी जारी प्रदर्शन

केरल PSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए SIT का गठन हो चुका है, लेकिन LPST रैंक लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर अब भी स्थिति साफ नहीं है। नियुक्ति की मांग को लेकर उम्मीदवार पिछले 34 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और सरकार से जल्द फैसला लेने की अपील कर रहे हैं।

Knews Desk- केरल में PSC परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार ने जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए Crime Branch को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही आरोपों की विस्तृत पड़ताल के लिए Special Investigation Team यानी SIT का गठन भी किया गया है।

सरकारी आदेश के मुताबिक, SIT की कमान S Ajeetha Begum, IPS को दी गई है। वह Thiruvananthapuram स्थित Economic Offence Wing Headquarters में Inspector General of Police के पद पर तैनात हैं। SIT को मामले से जुड़े आरोपों की जांच कर तथ्यों को सामने लाने की जिम्मेदारी दी गई है।

Crime Branch और SIT करेगी मामले की जांच

सरकार की ओर से जारी आदेश में परीक्षा से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जल्द और विस्तृत जांच की जरूरत बताई गई है। Crime Branch अब शिकायतों और कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी।

जांच के दौरान परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं को खंगाला जाएगा। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और परीक्षा प्रक्रिया पर इसका क्या असर पड़ता है।

LPST रैंक होल्डर्स की परेशानी क्यों बरकरार है?

SIT के गठन के बाद जहां PSC परीक्षा से जुड़े आरोपों की जांच का रास्ता साफ हुआ है, वहीं LPST रैंक होल्डर्स की नियुक्ति को लेकर अभ्यर्थियों की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है।

रैंक लिस्ट में जगह बना चुके उम्मीदवार लंबे समय से नियुक्ति आदेश का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जांच अपनी जगह है, लेकिन नियुक्ति को लेकर सरकार को अलग से स्पष्ट फैसला लेना चाहिए।

LPST रैंक होल्डर्स का आंदोलन अब 34वें दिन में पहुंच चुका है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार आंदोलन के बावजूद सरकार की ओर से नियुक्ति को लेकर कोई स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है।

अभ्यर्थी चाहते हैं कि रैंक लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों के नियुक्ति दावों पर जल्द फैसला लिया जाए और उन्हें नियुक्ति आदेश जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।

सरकार से क्या है अभ्यर्थियों की मांग?

प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों की प्रमुख मांग नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने की है। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया और रैंक लिस्ट से जुड़े चरण पूरे होने के बाद भी नियुक्ति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

अभ्यर्थी सरकार से नियुक्ति को लेकर स्पष्ट समयसीमा तय करने और जल्द ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अनिश्चितता के कारण रैंक लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों के भविष्य पर भी सवाल बना हुआ है।

SIT जांच का नियुक्ति पर क्या असर पड़ेगा?

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि PSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की SIT जांच का LPST रैंक होल्डर्स की नियुक्ति पर सीधा क्या प्रभाव पड़ेगा। जांच का उद्देश्य परीक्षा में लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने लाना है, जबकि अभ्यर्थियों का आंदोलन नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर है।

ऐसे में सरकार के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ PSC परीक्षा से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे LPST रैंक होल्डर्स को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करनी है।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार जांच के साथ-साथ LPST रैंक होल्डर्स की नियुक्ति को लेकर क्या फैसला लेती है और 34 दिनों से जारी आंदोलन को खत्म कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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