देशभर में 51 लाख से ज्यादा सरकारी शिक्षक, जानिए किस राज्य में कितने टीचर

Knews Desk– सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच केंद्र सरकार ने संसद में देशभर के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का ताजा आंकड़ा साझा किया है। शिक्षा मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि UDISE+ 2025-26 के अनुसार देश के सरकारी स्कूलों में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक कुल 51,34,623 शिक्षक कार्यरत हैं। हालांकि मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे देश में स्वीकृत और खाली शिक्षक पदों का कोई केंद्रीय डेटाबेस उपलब्ध नहीं है, क्योंकि शिक्षकों की भर्ती और पदों का प्रबंधन राज्य सरकारों तथा केंद्रशासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है।सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या के मामले में देश में पहले स्थान पर है। राज्य में कुल 6,27,124 सरकारी शिक्षक कार्यरत हैं। इसके बाद बिहार में 5,36,061, पश्चिम बंगाल में 4,48,113, राजस्थान में 4,41,070 और मध्य प्रदेश में 3,99,970 शिक्षक कार्यरत हैं। वहीं छोटे राज्यों में गोवा सबसे नीचे है, जहां सरकारी स्कूलों में केवल 3,805 शिक्षक कार्यरत हैं। यदि केंद्रशासित प्रदेशों की बात करें तो लक्षद्वीप में सबसे कम 729 शिक्षक हैं।

शिक्षा मंत्रालय ने शिक्षकों के स्तरवार आंकड़े भी साझा किए हैं। इसके अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में 17,54,291 शिक्षक, उच्च प्राथमिक में 15,32,001 शिक्षक, माध्यमिक स्तर पर 5,38,824 शिक्षक और उच्च माध्यमिक स्तर पर 13,09,507 शिक्षक कार्यरत हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ये केवल कार्यरत शिक्षकों की संख्या है, जबकि स्वीकृत पदों और रिक्तियों की जानकारी संबंधित राज्य सरकारों के पास रहती है।लोकसभा में सरकार ने कहा कि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है। इसलिए शिक्षकों की नियुक्ति, सेवा शर्तें और रिक्त पदों को भरने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों की होती है। केंद्र सरकार समय-समय पर राज्यों को मेरिट के आधार पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाने की सलाह देती है। साथ ही समग्र शिक्षा योजना के तहत राज्यों को वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है, ताकि स्कूलों में निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात बनाए रखा जा सके।

हालांकि केंद्र के पास पूरे देश में रिक्त पदों का रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन उत्तर प्रदेश को लेकर Project Approval Board (PAB) की रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट की गई है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर 2,50,488 स्वीकृत पदों में से 77,400 पद खाली हैं। वहीं माध्यमिक स्तर पर 11,083 स्वीकृत पदों में 4,421 पद रिक्त हैं। इस तरह उत्तर प्रदेश में कुल 81,821 शिक्षक पद खाली हैं, जो स्वीकृत पदों का लगभग 31 प्रतिशत है।केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार से रिक्त पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया है ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो और विद्यार्थियों को पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हो सकें। संसद में पेश किए गए इस आंकड़े से यह स्पष्ट होता है कि देश में सरकारी शिक्षकों की संख्या बड़ी है, लेकिन कई राज्यों में अभी भी बड़ी संख्या में पद खाली हैं। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर जोर देना आवश्यक माना जा रहा है।

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