KNEWS DESK – लखनऊ नगर निगम ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल करने की तैयारी कर ली है। नगर निगम अपने स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने जा रहा है। इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों के छात्रों को IIT, NIT समेत अन्य इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी, जबकि कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए UPSC, UPPSC और अन्य सिविल सेवा परीक्षाओं की कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने इस योजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया है और जल्द ही इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि प्रतिभाशाली विद्यार्थी पैसों की कमी के कारण अपने सपनों से पीछे न हटें।
स्कूल के बाद लगेंगी प्रतियोगी परीक्षाओं की कक्षाएं
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि छात्रों की नियमित पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कोचिंग कक्षाएं स्कूल और कॉलेज की सामान्य पढ़ाई खत्म होने के बाद संचालित की जाएंगी। विद्यार्थियों को अपने ही संस्थान के परिसर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मौका मिलेगा।
इसके लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति अनुबंध के आधार पर की जाएगी। ये शिक्षक छात्रों को गणित, विज्ञान, सामान्य अध्ययन, रीजनिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों की तैयारी कराएंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी कॉलेज में UPSC-PCS की तैयारी
लखनऊ के इस्माइलगंज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी डिग्री कॉलेज में UPSC, UPPSC (PCS), सिविल सेवा और अन्य सरकारी नौकरी से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग से कोचिंग व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं को सही मार्गदर्शन और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है।
नगर निगम की योजना है कि छात्रों को अनुभवी शिक्षकों के साथ-साथ परीक्षा पैटर्न, रणनीति और तैयारी के तरीकों की जानकारी भी दी जाए, जिससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
नगर आयुक्त की मंजूरी के बाद शुरू होगा कार्यक्रम
अपर नगर आयुक्त के मुताबिक, प्रस्ताव जल्द ही नगर आयुक्त की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अनुमति मिलते ही इसी शैक्षणिक सत्र से कोचिंग कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए जरूरी संसाधनों और शिक्षकों की व्यवस्था भी की जा रही है।
नगर निगम का मानना है कि उसके स्कूलों और कॉलेजों में बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी पढ़ते हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। मुफ्त कोचिंग सुविधा मिलने से इन छात्रों को प्रतिष्ठित संस्थानों और सरकारी सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।