Knews Desk- नीट यूजी 2026 री-एग्जाम को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट जारी कर परीक्षा पैटर्न, विषयवार प्रश्नों की संख्या और मार्किंग स्कीम को एक बार फिर स्पष्ट किया है, ताकि उम्मीदवार परीक्षा के प्रारूप को अच्छी तरह समझकर अंतिम तैयारी कर सकें।
एनटीए के अनुसार, नीट यूजी 2026 री-एग्जाम में कुल 180 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनके लिए अधिकतम 720 अंक निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा में फिजिक्स से 45 प्रश्न, केमिस्ट्री से 45 प्रश्न और बायोलॉजी से 90 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक सही उत्तर के लिए चार अंक दिए जाएंगे, जबकि गलत उत्तर पर एक अंक की निगेटिव मार्किंग होगी। बिना उत्तर छोड़े गए प्रश्नों पर कोई अंक नहीं काटा जाएगा।
एजेंसी ने यह भी जानकारी दी है कि इस बार परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थी अपनी टेस्ट बुकलेट अपने साथ घर ले जा सकेंगे। इससे उम्मीदवारों को परीक्षा के बाद अपने उत्तरों की समीक्षा करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। एनटीए का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
परीक्षा में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में एनटीए ने 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणादायक संदेश भी जारी किया है। एजेंसी ने कहा है कि छात्रों ने लंबे समय तक मेहनत की है और अब उन्हें अपनी तैयारी पर विश्वास रखते हुए शांत मन से परीक्षा में शामिल होना चाहिए। साथ ही पर्याप्त नींद लेने और सकारात्मक सोच बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
एनटीए ने साफ शब्दों में कहा है कि नीट यूजी 2026 री-एग्जाम अपने निर्धारित समय पर ही आयोजित किया जाएगा। परीक्षा स्थगित होने से जुड़ी किसी भी अफवाह या सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक खबरों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। अभ्यर्थियों को केवल एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक सूचना माध्यमों पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।
एजेंसी ने यह भी बताया कि संबंधित मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर परीक्षा की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था की गई है। किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं मानसिक तनाव महसूस करने वाले छात्रों के लिए MANAS मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन 14416 भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत सहायता मिल सके।