Knews Desk- मेडिकल की पढ़ाई करने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए MBBS Seat Matrix 2026 जारी कर दी है। नए सीट मैट्रिक्स के अनुसार, इस वर्ष देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 1,36,939 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। यह सीटें 823 मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध होंगी, जिनमें इस वर्ष शुरू हुए 4 नए मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार हजारों नई सीटें जोड़ी गई हैं, जिससे मेडिकल शिक्षा हासिल करने के इच्छुक छात्रों को अधिक अवसर मिलेंगे।NMC हर वर्ष MBBS सीट मैट्रिक्स जारी करता है, जिसके आधार पर NEET UG के बाद होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया आयोजित की जाती है। सीट मैट्रिक्स में नए मेडिकल कॉलेजों, नई स्वीकृत सीटों और संस्थानों की अद्यतन जानकारी शामिल होती है। इससे देश में मेडिकल शिक्षा के विस्तार और उपलब्ध सीटों की स्थिति का स्पष्ट अंदाजा मिलता है।
यदि पिछले शैक्षणिक सत्र से तुलना करें तो वर्ष 2025-26 में कुल 1,28,875 MBBS सीटें उपलब्ध थीं। वहीं, जुलाई 2025 में जारी शुरुआती सीट मैट्रिक्स में सीटों की संख्या 1,27,028 थी। इस आधार पर देखें तो इस वर्ष लगभग 9,911 नई सीटें बढ़ाई गई हैं। वहीं, संशोधित 2025 सीट मैट्रिक्स (1,28,875 सीटें) की तुलना में इस बार 8,064 सीटों की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि देश में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की तुलना करें तो इस बार भी प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीटों की संख्या सरकारी कॉलेजों से अधिक है। NMC के आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल 441 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें 61,185 MBBS सीटें उपलब्ध हैं। दूसरी ओर, 382 निजी मेडिकल कॉलेजों में 73,643 MBBS सीटें स्वीकृत की गई हैं। यानी कुल सीटों के मामले में निजी मेडिकल कॉलेज सरकारी संस्थानों से आगे हैं।
सीटों में बढ़ोतरी के आंकड़े भी यही तस्वीर दिखाते हैं। NMC के अनुसार, इस वर्ष बढ़ाई गई कुल 9,911 MBBS सीटों में से 2,111 सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जोड़ी गई हैं, जबकि 7,800 सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ाई गई हैं। यानी नई सीटों का बड़ा हिस्सा निजी संस्थानों में जोड़ा गया है। इससे स्पष्ट है कि मेडिकल शिक्षा के विस्तार में निजी क्षेत्र की भूमिका लगातार बढ़ रही है।राज्यवार आंकड़ों पर नजर डालें तो कर्नाटक अभी भी देश का वह राज्य है, जहां सबसे अधिक MBBS सीटें उपलब्ध हैं। इसके अलावा तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी पिछले कुछ वर्षों में मेडिकल कॉलेजों और सीटों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। इससे विभिन्न राज्यों के छात्रों को अपने राज्य में ही मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि MBBS सीटों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से NEET UG में सफल होने वाले छात्रों के लिए प्रवेश के अवसर पहले की तुलना में बेहतर होंगे। हालांकि, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें सीमित होने के कारण प्रतिस्पर्धा अभी भी काफी अधिक रहेगी। वहीं, निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटें अधिक होने के बावजूद वहां की फीस कई छात्रों के लिए चुनौती बनी रह सकती है।NEET UG 2026 की काउंसलिंग शुरू होने से पहले जारी यह सीट मैट्रिक्स छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज है। काउंसलिंग के दौरान इसी के आधार पर कॉलेज और सीटों का आवंटन किया जाएगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे NMC द्वारा जारी सीट मैट्रिक्स और संबंधित राज्य एवं ऑल इंडिया काउंसलिंग की आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखें, ताकि अपनी रैंक और पसंद के अनुसार सही कॉलेज का चयन कर सकें।