Knews Desk- JEE Advanced परीक्षा के पैटर्न में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। प्रस्तावित नए मॉडल के तहत फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) आधारित सवालों की जगह अब एप्टीट्यूट आधारित प्रश्न शामिल किए जा सकते हैं। इस बदलाव की दिशा में पहला कदम जुलाई में उठाया जाएगा, जब देश के सभी 23 IITs में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों पर इसका ट्रायल किया जाएगा।
इस ट्रायल में नए पैटर्न के सवालों के जरिए छात्रों की तार्किक क्षमता, गणितीय समझ और समस्या समाधान कौशल का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद ट्रायल के नतीजों की रिपोर्ट तैयार कर IIT काउंसिल की बैठक में पेश की जाएगी। अगर परिणाम संतोषजनक रहे, तो वर्ष 2027 से JEE Advanced को नए पैटर्न में लागू किया जा सकता है।
वर्तमान में JEE Advanced में दो पेपर होते हैं और इनमें कुल 360 अंकों के प्रश्न PCM विषयों पर आधारित होते हैं। केवल JEE Main के टॉप 2.5 लाख उम्मीदवार ही इसमें शामिल हो सकते हैं। लेकिन प्रस्तावित बदलाव के बाद परीक्षा का फोकस विषय आधारित ज्ञान से हटकर एप्टीट्यूट और क्रिटिकल थिंकिंग पर केंद्रित हो सकता है।
इस बदलाव के लिए एक विशेष समिति गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता IIT कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल कर रहे हैं। समिति अब तक दो बार पैटर्न में बदलाव की सिफारिश कर चुकी है। पहले चरण में PCM के साथ एप्टीट्यूट शामिल करने की बात थी, जबकि अब केवल एप्टीट्यूट आधारित परीक्षा का प्रस्ताव दिया गया है।
इसके साथ ही समिति JEE Advanced को साल में दो बार आयोजित करने के विकल्प पर भी विचार कर रही है, जैसा कि JEE Main में होता है। फिलहाल अंतिम निर्णय IIT Council की समीक्षा और ट्रायल रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा।