गोरखपुर में कथित असलहा तस्करी नेटवर्क का खुलासा, महाराजगंज, देवरिया और संत कबीर नगर के अलावा बिहार तक जुड़े बताए जा रहे हैं तार।
Knews Desk- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित तौर पर जुड़े असलहा तस्करी नेटवर्क की जांच तेज हो गई है। गोरखपुर STF ने कैंट थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने कुल 31 लोगों को मामले में आरोपी बनाया है। इनमें पांच की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 26 अन्य की तलाश जारी है।
STF के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में नेटवर्क से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए हैं। जांच में गोरखपुर के साथ महाराजगंज, देवरिया और संत कबीर नगर के लोगों के कथित कनेक्शन की जानकारी मिली है। इसके अलावा बिहार के बेतिया और अन्य इलाकों से जुड़े कुछ नाम भी जांच के दायरे में हैं। पुलिस अब इन संपर्कों की पड़ताल कर रही है।
STF की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में अलग-अलग जिलों में दबिश दे रही हैं। बिहार के बेतिया निवासी शशांक पांडे की तलाश में एक टीम उसके गांव तक पहुंची है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाना और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट करना है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीत यादव, श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, अभिषेक गौंड उर्फ भेली, अभिषेक प्रजापति और राहुल गुप्ता के रूप में हुई है। सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। आरोपियों के खिलाफ STF गोरखपुर यूनिट प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह की तहरीर पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच कैंट पुलिस कर रही है।
पूछताछ में असलहा तस्करी से होने वाली कथित कमाई का भी पता चला है। आरोपियों के अनुसार, एक असलहा बेचने पर गैंग के सदस्य को करीब 10 हजार रुपये मिलते थे, जबकि बिचौलिये को 2 हजार रुपये दिए जाते थे। हालांकि, पुलिस अब मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच के जरिए इन दावों की पुष्टि कर रही है।
जांच एजेंसियां आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट भी खंगाल रही हैं। इनके जरिए संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही, पुराने आर्म्स एक्ट मामलों में बरामद हथियारों के स्रोत का मिलान भी किया जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि उनका संबंध इस नेटवर्क से था या नहीं।
STF की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा पांच गिरफ्तार आरोपियों से आगे बढ़कर पूरे नेटवर्क तक पहुंच गया है। पुलिस फरार 26 आरोपियों की तलाश के साथ-साथ हथियारों की सप्लाई, पैसों के लेनदेन और दूसरे राज्यों से जुड़े संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही है।