Knews Desk- आईपीएल क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके रिटायर्ड आईपीएस पिता शैलेश सिंह के खिलाफ भोपाल में एक कुक द्वारा मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत करने वाले युवक का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई, मोबाइल छीन लिया गया और उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। वहीं, शशांक सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए अपनी सफाई पेश की है।
शिकायतकर्ता विपेंद्र सिंह, जो रीवा का निवासी है, ने पुलिस को बताया कि वह खाना बनाने का काम करता है। रिश्तेदार की सिफारिश पर उसे भोपाल के नीलबड़ स्थित शैलेश सिंह के घर कुक के रूप में रखा गया था। उसके अनुसार, 15 हजार रुपये मासिक वेतन तय हुआ था और रहने-खाने की सुविधा भी दी जानी थी।

विपेंद्र का आरोप है कि काम शुरू करने के बाद परिवार के सदस्य लगातार उसके काम में कमियां निकालने लगे। उसने यह भी दावा किया कि उसका मोबाइल अपने पास रख लिया गया था। शिकायत के मुताबिक, 28 जून की सुबह नाश्ता बनाने के बाद जब उसने अपना मोबाइल वापस मांगा तो इस बात को लेकर विवाद हो गया। एफआईआर के अनुसार, विवाद बढ़ने पर शैलेश सिंह, उनके बेटे शशांक सिंह और एक ड्राइवर उसके कमरे में पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तीनों ने उसके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके मोबाइल से रहने और खाने के नाम पर 1000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।
दूसरी ओर, शशांक सिंह ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि युवक ने खुद को अनुभवी कुक बताया था, लेकिन बाद में पता चला कि उसे खाना बनाना ठीक से नहीं आता। शशांक के मुताबिक, कुछ समय बाद परिवार को युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। उन्होंने दावा किया कि वह घर के अलग-अलग हिस्सों, निजी कमरों और अलमारी की तस्वीरें अपने मोबाइल से ले रहा था। शशांक ने यह भी आरोप लगाया कि घर से चांदी की गणेश प्रतिमा गायब मिलने के बाद जब युवक से पूछताछ की गई तो वह घबरा गया। उनका कहना है कि मोबाइल की जांच में घर की कई निजी तस्वीरें और वीडियो मिले, जिन्हें कथित तौर पर किसी अन्य व्यक्ति को भेजा जा रहा था। इसके बाद उसे घर से जाने के लिए कहा गया।
क्रिकेटर ने मारपीट के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने युवक के साथ किसी प्रकार की हिंसा नहीं की। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि युवक को घर से निकालने के बाद पुलिस को तत्काल सूचना न देना उनकी गलती थी। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।