भारत की कंपनियों में महिला नेतृत्व की तस्वीर लगातार मजबूत हो रही है. सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, देश की सक्रिय कंपनियों में करीब 40 लाख डायरेक्टर हैं, जिनमें 11.60 लाख से अधिक महिलाएं शामिल हैं.
Knews Desk- कॉरपोरेट सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं. कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के अनुसार, देश की सक्रिय कंपनियों में कुल 39,99,656 डायरेक्टर हैं. इनमें 11,60,933 महिलाएं डायरेक्टर के पद पर हैं. यानी कुल डायरेक्टरों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 29 फीसदी है. दूसरे शब्दों में कहें तो लगभग हर तीन डायरेक्टर में एक महिला है.
सरकार की ओर से दिए गए आंकड़े बताते हैं कि महिलाएं अब कंपनियों के बोर्ड और निर्णय लेने वाली अहम भूमिकाओं में तेजी से अपनी जगह बना रही हैं. हालांकि, अलग-अलग श्रेणियों के आंकड़ों को एक साथ नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि सक्रिय कंपनियों के कुल डायरेक्टरों और टॉप 500 लिस्टेड कंपनियों के आंकड़ों का दायरा अलग है.
टर्नओवर के आधार पर देश की टॉप 500 लिस्टेड कंपनियों में महिलाओं की मौजूदगी कई महत्वपूर्ण पदों पर है. इन कंपनियों में 9 महिलाएं CEO, 25 महिलाएं मैनेजिंग डायरेक्टर और 67 महिलाएं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर हैं.
इसके अलावा 638 महिलाएं इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और 860 महिलाएं डायरेक्टर या बोर्ड मेंबर के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही हैं. वहीं 22 महिलाएं CFO के पद पर भी कार्यरत हैं.
- 39,99,656 – सक्रिय कंपनियों में कुल डायरेक्टर
- 11,60,933 – महिला डायरेक्टर
- 9 – महिला CEO
- 25 – महिला मैनेजिंग डायरेक्टर
- 67 – महिला एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
- 638 – महिला इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 22 – महिला CFO
- 860 – महिला डायरेक्टर/बोर्ड मेंबर
किन कंपनियों के लिए महिला डायरेक्टर जरूरी?
कंपनी कानून के तहत कुछ कंपनियों के बोर्ड में कम से कम एक महिला डायरेक्टर का होना अनिवार्य है. इसमें सभी लिस्टेड कंपनियां शामिल हैं. इसके अलावा ऐसी अनलिस्टेड पब्लिक कंपनियों के लिए भी यह नियम लागू होता है, जिनकी पेड-अप शेयर कैपिटल 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक है या जिनका टर्नओवर 300 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा है.
अगर किसी कंपनी में महिला डायरेक्टर का पद खाली हो जाता है, तो उसे निर्धारित समय सीमा के भीतर भरना जरूरी है. नियम के मुताबिक, अगली बोर्ड मीटिंग या तीन महीने के भीतर, जो भी बाद में हो, नियुक्ति की जानी चाहिए.
नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई
सरकार ने महिला डायरेक्टर की नियुक्ति से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी है.
वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने ऐसे 50 मामलों में एडजुकेशन ऑर्डर जारी किए. इन मामलों में कुल 71.01 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई.
वर्षवार देखें तो 2023-24 में सबसे ज्यादा 19 मामलों में कार्रवाई हुई. 2024-25 में 11, 2022-23 में 10, 2025-26 में 8 और 2021-22 में 2 मामलों में आदेश जारी किए गए.
महिला नेतृत्व बढ़ा, लेकिन चुनौतियों पर अलग अध्ययन नहीं
सरकार के आंकड़े कॉरपोरेट बोर्ड में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की तस्वीर जरूर पेश करते हैं, लेकिन मंत्रालय ने महिला डायरेक्टरों के नेतृत्व के रास्ते में आने वाली चुनौतियों पर कोई अलग अध्ययन नहीं कराया है.
फिर भी आंकड़ों से यह संकेत मिलता है कि भारतीय कॉरपोरेट सेक्टर में महिलाएं अब केवल कर्मचारी या मध्य स्तर के प्रबंधन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बोर्डरूम से लेकर CEO, MD, CFO और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों तक अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं.