फेस्टिव सीजन में क्विक कॉमर्स की रफ्तार होगी तेज, 3 लाख तक अस्थायी नौकरियों की उम्मीद

त्योहारों के दौरान 10-15 मिनट में डिलीवरी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए क्विक कॉमर्स कंपनियां बड़े स्तर पर अस्थायी कर्मचारियों की भर्ती की तैयारी में हैं। इस साल फ्लेक्सी वर्कफोर्स की मांग पिछले साल के मुकाबले 35 से 40 फीसदी तक बढ़ने का अनुमान है।

Knews Desk- फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले क्विक कॉमर्स कंपनियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। ग्राहकों के बीच इंस्टेंट डिलीवरी और जरूरत के सामान को तुरंत घर तक मंगाने का चलन बढ़ने से इस सेक्टर में कर्मचारियों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। स्टाफिंग और रिक्रूटमेंट कंपनियों के अनुमान के मुताबिक, इस बार क्विक कॉमर्स सेक्टर में करीब 1 लाख से लेकर 3 लाख तक अस्थायी नौकरियां पैदा हो सकती हैं।

जानकारों के मुताबिक, इस साल क्विक कॉमर्स कंपनियां पिछले साल की तुलना में 35 से 40 फीसदी अधिक अस्थायी कर्मचारियों को काम पर रख सकती हैं। त्योहारों के दौरान बढ़ने वाले ऑर्डर्स और तेज डिलीवरी की जरूरत को देखते हुए कंपनियां डिलीवरी, वेयरहाउस और इन्वेंट्री से जुड़े कामों के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात करेंगी।

कुछ स्टाफिंग एजेंसियों का अनुमान है कि इस साल क्विक कॉमर्स में अस्थायी नौकरियों की संख्या करीब 1 लाख रह सकती है, जबकि रैंडस्टैड के अनुमान के मुताबिक यह आंकड़ा 3 लाख से भी ऊपर जा सकता है। वहीं, काम की जगह और भूमिका के आधार पर कर्मचारियों के वेतन में 12 से 22 फीसदी तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

टेक्नोलॉजी समझने वाले कर्मचारियों की बढ़ी मांग

क्विक कॉमर्स कंपनियों की जरूरत अब केवल डिलीवरी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। कंपनियां ऐसे लोगों की भी तलाश कर रही हैं, जिन्हें टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन सिस्टम की जानकारी हो।

इनमें वेयरहाउस मैनेजमेंट सिस्टम ऑपरेटर, ऑटोमेटेड पिक-एंड-पैक सुपरवाइजर, इन्वेंट्री रिकॉन्सिलिएशन टेक्नीशियन, RFID और बारकोड स्कैनर विशेषज्ञ तथा AI आधारित सिस्टम संभालने वाले कर्मचारी शामिल हैं। इन तकनीकों की मदद से ऑर्डर प्रोसेसिंग, सामान की पैकिंग, डिलीवरी रूट और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय करने जैसे काम तेजी से किए जाते हैं।

फ्लेक्सी वर्कफोर्स में बढ़ी क्विक कॉमर्स की हिस्सेदारी

पिछले साल कुल फेस्टिव फ्लेक्सी हायरिंग में क्विक कॉमर्स की हिस्सेदारी करीब 16 से 18 फीसदी थी। इस साल यह हिस्सेदारी बढ़कर करीब 30 से 40 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है।

रैंडस्टैड इंडिया के मुताबिक, इस साल क्विक कॉमर्स में भर्ती पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुनी हो सकती है। वहीं, टीमलीज सर्विसेज के आकलन के अनुसार, त्योहारों के दौरान कुल अस्थायी कर्मचारियों की मांग में क्विक कॉमर्स की हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी तक पहुंच सकती है।

5,500 से 6,000 डार्क स्टोर पहले से मौजूद

भारत के टियर-1 शहरों में फिलहाल क्विक कॉमर्स कंपनियां करीब 5,500 से 6,000 डार्क स्टोर संचालित कर रही हैं। इसके अलावा कंपनियां टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी तेजी से अपना नेटवर्क बढ़ा रही हैं।

आने वाले 12 से 18 महीनों में देशभर में करीब 1,000 से 1,500 नए डार्क स्टोर खुलने का अनुमान है। इससे वेयरहाउसिंग, पैकिंग, इन्वेंट्री मैनेजमेंट और लास्ट-माइल डिलीवरी से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

10 से 15 मिनट की डिलीवरी बनी बड़ी चुनौती

क्विक कॉमर्स कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती कम समय में ऑर्डर पहुंचाना है। 10 से 15 मिनट में डिलीवरी के वादे को पूरा करने के लिए तेज और सटीक ऑपरेशन की जरूरत होती है। ऐसे में कंपनियां टेक्नोलॉजी की समझ रखने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में डिलीवरी और वेयरहाउस स्टाफ को अस्थायी तौर पर नियुक्त करने की तैयारी कर रही हैं।

त्योहारी खरीदारी बढ़ने के साथ आने वाले हफ्तों में क्विक कॉमर्स सेक्टर में भर्ती का यह दौर और तेज होने की उम्मीद है।

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